सूरजपुर, 14 मार्च (हि.स.)। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 22 मार्च को पूरे प्रदेश में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की राज्यव्यापी आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी। सूरजपुर जिले में भी प्रशासन के मार्गदर्शन में परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 22 मार्च 2026 को पूरे प्रदेश में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की राज्यव्यापी आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी। सूरजपुर जिले में परीक्षा के सफल संचालन के लिए राज्य, संभाग और जिला स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर के मार्गदर्शन में व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला परियोजना अधिकारी डॉ. मोहन साहू ने बताया कि इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे असाक्षर या नव साक्षर शामिल होंगे, जो उल्लास साक्षरता केंद्रों में अध्ययनरत हैं। इसके साथ ही वे नव साक्षर भी शामिल किए जाएंगे, जिन्होंने पढ़ना-लिखना अभियान या उल्लास कार्यक्रम के तहत महापरीक्षा में भाग लिया था, लेकिन किसी कारणवश राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली से प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर सके।
उन्होंने बताया कि लंबे अंतराल के कारण जिन नव साक्षरों को पढ़ना-लिखना या दैनिक जीवन में आवश्यक जोड़-घटाव करने में कठिनाई होती है, उन्हें भी इस परीक्षा में शामिल किया जाएगा, ताकि उनकी बुनियादी साक्षरता का आकलन किया जा सके।
कार्यक्रम पूरी तरह स्वयंसेवी भावना और कर्तव्यबोध पर आधारित है। इसमें शिक्षार्थी के रूप में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा। शासन द्वारा प्रावधान किया गया है कि यदि विद्यार्थी 10 असाक्षरों को साक्षर बनाते हैं तो उन्हें स्थानीय और बोर्ड परीक्षा में 10 अंक बोनस दिए जाएंगे।
उल्लास साक्षरता केंद्रों के संचालन में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी, स्व-सहायता समूह के सदस्य तथा पूर्व में शिक्षित नव साक्षरों का सहयोग लिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय
