सूरजपुर, 24 फ़रवरी (हि.स.)। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के विद्यालयों में किचन गार्डन की पहल बच्चों को पोषण और व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा के निर्देशन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी.एस. लकड़ा के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल के अंतर्गत माध्यमिक शाला पतरापाली का किचन गार्डन प्रेरक उदाहरण के रूप में उभरा है।

विद्यालय परिसर में शिक्षकों की देखरेख में विकसित बगीचे से नियमित रूप से ताजी और पौष्टिक सब्जियां प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें मध्यान्ह भोजन में शामिल किया जा रहा है। इसी क्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किचन गार्डन से लगभग चार किलोग्राम ताजी सेमी (फली) की तुड़ाई की।

बच्चों ने पौधों की देखभाल, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और तुड़ाई जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इससे उन्हें श्रम का महत्व समझने के साथ कृषि और पर्यावरण संबंधी व्यावहारिक ज्ञान भी मिला। शिक्षक योगेश साहू ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के साथ जैविक खेती के प्रति जागरूक करना और व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ना है। ताजी सब्जियों के उपयोग से मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है।
विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करती हैं। इस अवसर पर शिक्षक कृष्णकुमार यादव, अनिता सिंह, योगेश साहू, रघुनाथ जायसवाल सहित अभिभावक और स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए लाभकारी बताया।
विद्यालय प्रशासन ने आगे भी किचन गार्डन में मौसमी सब्जियों की खेती जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है, ताकि बच्चों को पोषण और ज्ञान दोनों निरंतर मिलते रहें।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय
