रांची, 03 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जामताड़ा में कथित फर्जी मोतियाबिंद ऑपरेशन और आयुष्मान भारत योजना में हुए घोटाले को लेकर झारखंड सरकार पर हमला बोला है। पार्टी ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह मामला सिर्फ एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार, राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की कार्यशैली और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल उठाए।
अजय साह ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत भले ही झारखंड से हुई हो, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे घोटाले की भेंट चढ़ा दिया है। जामताड़ा के सिटी अस्पताल और मंगलम नेत्रालय द्वारा एक महीने में हजारों मोतियाबिंद ऑपरेशन का दावा कर योजना के तहत लाखों रुपये की निकासी किए जाने को उन्होंने गंभीर अनियमितता बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इतना बड़ा फर्जीवाड़ा महीनों तक चलता रहा, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। मामले के उजागर होने के बाद भी आरोपितों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय इसे दबाने का प्रयास किया गया। केवल एक सिविल सर्जन का तबादला कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र (जामताड़ा) में ही यह घोटाला चलता रहा और मंत्री को इसकी जानकारी नहीं होना संदेहास्पद है। अस्पताल संचालकों और मंत्री के करीबी लोगों के बीच संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई है।
प्रवक्ता ने कहा कि जिन अस्पतालों में ऑपरेशन किए गए, वहां बिना लाइसेंस के फार्मेसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी संचालित की जा रही थीं, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंत्री अपने क्षेत्र में ही इस तरह की अनियमितताओं को नहीं रोक पाए, तो पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसे नियंत्रित होगी।
भाजपा ने मांग की है कि पूरे झारखंड में आयुष्मान भारत के तहत हुए सभी मोतियाबिंद ऑपरेशनों का हेल्थ ऑडिट कराया जाए, ताकि जामताड़ा जैसे मामलों की सच्चाई सामने आ सके।
अजय साह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं में राज्य स्तर पर हो रही गड़बड़ियों के कारण ही कई बार फंड रोकना पड़ता है, जिसे बाद में राज्य सरकार राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करती है।
उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यकाल में सामने आए इसी तरह के फर्जी मोतियाबिंद ऑपरेशन घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले की जांच का परिणाम आज तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।—————-
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे
