कोलकाता, 21 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे अपने उत्तराधिकारियों के लिए 22 मार्च तक अपने आधिकारिक आवास खाली कर दें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि हाल ही में चुनाव आयोग ने जिलाधिकारी रैंक के 13 अधिकारियों को उनके पद से हटाते हुए उनकी जगह नए अधिकारियों की नियुक्ति की थी। हालांकि, इस सप्ताह कार्यालय को शिकायतें मिलीं कि कुछ हटाए गए अधिकारी अब तक अपने सरकारी आवास खाली नहीं कर पाए हैं।
सूत्रों के अनुसार कूचबिहार, मालदा और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों से ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि संबंधित अधिकारी अपने उत्तराधिकारियों को आवास उपलब्ध कराने के लिए 22 मार्च तक हर हाल में सरकारी बंगले खाली करें।
कार्यालय का मानना है कि जिलाधिकारी को आवंटित सरकारी आवास केवल उनका निवास स्थान ही नहीं होता, बल्कि वह उनके कार्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी होता है। ऐसे में यदि हटाए गए अधिकारी वहां बने रहते हैं तो नए अधिकारियों को प्रशासनिक और चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां निभाने में असुविधा हो सकती है, खासकर जब राज्य में चुनाव की प्रक्रिया जारी है।
इस बीच राज्य सरकार से जुड़े एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि तबादले या सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी आवास खाली करने में कुछ समय लगना एक पुरानी परंपरा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य परिस्थितियों में यह स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन चुनाव के दौरान जब अधिकारियों पर प्रशासनिक और चुनाव दोनों की जिम्मेदारी होती है, तब ऐसी देरी उचित नहीं मानी जाती।——————
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
