हकृवि में चार दिवसीय एक्वा उद्यम-2026 का हुआ

शुभारंभ

हिसार, 16 फरवरी (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
और राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज) हैदराबाद की ओर से संयुक्त रूप
से आयोजित चार दिवसीय एक्वा उद्यम-2026 का शुभारंभ हुआ। मौलिक विज्ञान एवं मानविकी
महाविद्यालय में आयोजित मत्स्य उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत सोमवार को मत्स्य स्टार्टअप एवं एक्वापे्रन्योरशिप
हितधारकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज मुख्य अतिथि जबकि
कृषि विस्तार (मैनेज) के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सरवनन राज विशिष्ट
अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। मंच पर विभागाध्यक्ष डॉ. दलीप कुमार बिश्नोई भी मौजूद रहे।
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने अपने संबोधन में
कहा कि मत्स्य क्षेत्र से नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी। देश में मत्स्य क्षेत्र
तेजी से विकसित हो रहा है। यह न केवल पोषण सुरक्षा का आधार है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था
और युवाओं के लिए रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण साधन भी है। ऐसे समय में एक्वा उद्यम
2026 कार्यक्रम अत्यंत प्रासंगिक है। एक्वा उद्यम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए
उन्होंने बताया कि जलीय संसाधनों के सतत उपयोग के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका
उत्पन्न करना, युवाओं को प्रशिक्षित कर स्वरोजगार के अवसर पैदा करना और मत्स्य पालन
में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना है। यह क्षेत्र ग्रामीण आजीविका, आत्मनिर्भरता और
मत्स्य आधारित उत्पाद बनाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा
रहा है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सरवनन राज ने बताया कि यह
मंच नए उद्यमियों और नीति निर्माताओं के बीच सेतु का कार्य करेगा। मत्स्य पालन के व्यवसाय
में रोजगार एवं उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। किसान कृषि कार्य के साथ-साथ मत्स्य
पालन को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर सकते हैं।
मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.
राजेश गेरा ने कार्यक्रम में सभी का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा मत्स्य पालन
के व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर
