प्रयागराज, 01 मार्च (हि.स)। सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और खुशियों के रंग भरने के उद्देश्य से कार्यरत त्रिशला फाउंडेशन द्वारा होली मिलन समारोह रविवार को कर्नलगंज इंटर कॉलेज मैदान, टैगोर टाउन में अत्यंत हर्षाेल्लास और भावनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों, उनके अभिभावकों, त्रिशला फाउंडेशन परिवार एवं शहर के अनेक गणमान्य शुभचिंतकों की उपस्थिति से पूरे परिसर में वृंदावन की परम्परानुसार फूलों की होली ने भक्तिमय और आनंदमय वातावरण बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ त्रिशला फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष रमाशंकर श्रीवास्तव ने मंच से उपस्थित सभी लोगों को वैदिक मंत्रोचारण द्वारा अपना आशीर्वाद प्रदान किया। इसके पश्चात त्रिशला फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार जैन एवं सचिव डॉ. वारिदमाला जैन द्वारा बच्चों एवं अभिभावकों को आशीर्वचन एवं प्रेरणादायी सम्बोधन के साथ किया गया। दोनों पदाधिकारियों ने अभिभावकों के संघर्ष, धैर्य और समर्पण की सराहना करते हुए बच्चों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का संदेश दिया।
तत्पश्चात् कार्यक्रम ने सांस्कृतिक रंगों की सुंदर उड़ान भरी। मंचीय प्रस्तुतियों की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों ने अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा डांस, ग्रुप डांस, गायन, शायरी, चुटकुलें विशेषतः सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित कृष्णा विट्ठल साकरे ने रैपिंग और बीट बॉक्सिंग जैसे अद्भुत प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया और यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। साथ ही सेरेब्रल पाल्सी बच्चों एवं उनके अभिभावकों के जीवन के संघर्ष पर आधारित एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया जिसने सभी की आखें नम कर दी एवं होली की विशेष जोगीरा गायन ने भी लोगों का खूब मनोरंजन किया।
सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों द्वारा खेली गई फूलों की होली, जिसने मंच को मानो वृंदावन की होली में परिवर्तित कर दिया। रंग-बिरंगे फूलों, उर्जावान संगीत और बच्चों की मुस्कान ने अतिथियों और अभिभावकों को भावनाओं से भर दिया।
इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि “त्रिशला सीपी विलेज – फेज़ 1” का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। साथ ही, सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास के विभिन्न तरीकों की समुचित सुविधाओं से सुसज्जित एवं आवासीय व्यवस्था वाले “त्रिशला सीपी होम” की शुरुआत इसी वर्ष किए जाने की योजना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सीपी गाँव के संचालन की जिम्मेदारी, पूर्व से कार्य देख रहे रविंद्र एवं प्रदीप शुक्ल के साथ-साथ दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत राष्ट्रीय संस्था “सक्षम” के पूर्व राष्ट्रीय सचिव कमलाकांत पाण्डेय को सौंपी गई है। इस अवसर पर फाउंडेशन द्वारा अपने नए “त्रिशला फाउंडेशन मोबाइल ऐप” की भी जानकारी दी। जिसकी शुरुआत वर्ष 2026 में ही कर दी गई है। यह मोबाइल ऐप फाउंडेशन में पंजीकृत बच्चों एवं उनके अभिभावकों को इलाज से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी, ग्रोथ मॉनिटरिंग, थेरेपी एवं प्रगति रिपोर्ट, परामर्श, फीडबैक, कार्यक्रमों तथा निःशुल्क चिकित्सा शिविरों की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।
त्रिशला फाउंडेशन के अध्यक्ष ने कहा “जब हमारे बच्चे मंच पर नृत्य करते हैं, गीत गाते हैं और फूलों से होली खेलते हैं, तब केवल रंग नहीं उड़ते-समाज की वर्षों पुरानी सोच भी बदलती है। चिकित्सकीय रूप से सेरेब्रल पाल्सी को एक चुनौती माना जाता है। लेकिन सही समय पर थेरेपी, पुनर्वास, निरंतर अभ्यास और भावनात्मक सहयोग से इन बच्चों की क्षमताएं अद्भुत रूप से विकसित हो सकती हैं।
संस्था की सचिव डॉ. वारिदमाला जैन ने कहा “यह होली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए आशा, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है। जब समाज इन बच्चों को अपनाता है, तब उनका उपचार और विकास दोनों और प्रभावी हो जाता है। समाज का साथ, अभिभावकों का धैर्य और बच्चों का साहस, यही हमारी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है।”
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र
