अंबिकापुर, 02 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर अब देश के बड़े शहरों से तेज़ी से जुड़ने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा चुका है। आज गुरुवार से अंबिकापुर-कोलकाता हवाई सेवा की शुरुआत हो रही है, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी। एलायंस एयर द्वारा संचालित यह फ्लाइट सप्ताह में दो दिन गुरुवार और शनिवार उपलब्ध रहेगी। पहली उड़ान गुरुवार सुबह 10:25 बजे अंबिकापुर से कोलकाता के लिए रवाना होगी।

इस रूट पर 72 सीटों वाले विमान का संचालन किया जाएगा, जिससे सीमित लेकिन नियमित कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। गुरुवार को फ्लाइट कोलकाता से बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचेगी और फिर वापस कोलकाता के लिए उड़ान भरेगी, जबकि शनिवार को यह सेवा सीधे अंबिकापुर से बिलासपुर के रास्ते कोलकाता जाएगी।
नई सेवा के साथ अंबिकापुर अब दो बड़े महानगरों दिल्ली और कोलकाता से हवाई मार्ग से जुड़ गया है। हाल ही में अंबिकापुर-दिल्ली फ्लाइट की भी शुरुआत हुई है, जिसका वर्चुअल शुभारंभ 30 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया था। यह फ्लाइट सोमवार और बुधवार को संचालित हो रही है और इसका किराया करीब 6,500 रुपये निर्धारित है, जबकि कोलकाता रूट का बेस फेयर लगभग 6,000 रुपये रखा गया है, जो बुकिंग के अनुसार बदल सकता है।
गुरुवार के शेड्यूल के मुताबिक, फ्लाइट सुबह 7:05 बजे कोलकाता से उड़ान भरकर 8:55 बजे बिलासपुर पहुंचेगी, वहां से 9:20 बजे रवाना होकर 10 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी और 10:25 बजे कोलकाता के लिए उड़ान भरेगी, जहां 12:15 बजे पहुंचने का समय तय है। वहीं शनिवार को फ्लाइट 11:20 बजे कोलकाता से उड़ान भरकर 1:10 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी, फिर 1:35 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होकर 4:30 बजे कोलकाता पहुंचेगी।
इधर, क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए रायपुर-अंबिकापुर-वाराणसी रूट पर भी पहल तेज हो गई है। सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज और मंत्री राजेश अग्रवाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से मांग रखी है, साथ ही इंडिगो से भी चर्चा की गई है। हालांकि, इस प्रस्तावित रूट को अभी तक किसी एयरलाइन ने अपने विंटर शेड्यूल में शामिल नहीं किया है, लेकिन जल्द इसकी शुरुआत की उम्मीद जताई जा रही है।
नई हवाई सेवा के शुरू होने से सरगुजा संभाग के लोगों को न केवल यात्रा में सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी बड़े शहरों तक पहुंच अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह
