भुवनेश्वर, 21 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज ओडिशा के अनुगुल जिले के बअँरपाल स्थित डेरजांग में बहुप्रतीक्षित ‘बोटिंग सुविधा’ का शुभारंभ किया। लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को स्थानीय पर्यटन उद्योग के लिए नए अवसर और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने वाला कदम बताया गया।

श्री प्रधान ने कहा कि अनुगुल जिला प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों से परिपूर्ण है। सातकोशिया अभयारण्य से लेकर रेंगाली जलभंडार की सुंदरता और माँ बुढ़ी ठाकुराणी के पीठ तक, यह क्षेत्र अपनी विशिष्टता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। महानदी और ब्राह्मणी जैसी दो पवित्र नदियाँ इस भूमि की शोभा बढ़ाती हैं। डबल इंजन सरकार के संयुक्त प्रयास से इस पर्यटन संभावनाओं का लाभ उठाते हुए अनुगुल को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना प्राथमिक लक्ष्य है।
श्री प्रधान ने बताया कि डेरजांग परियोजना पहले केवल जलसिंचाई और पेयजल आपूर्ति तक सीमित थी, लेकिन अब यह एक अत्याधुनिक पर्यटन स्थल बन गया है। यहां आगंतुक स्पीड बोट, पैडल बोट, जेट स्की और पैडल स्वान बोटिंग का आनंद ले सकेंगे। यह सुविधा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। साथ ही, आने वाले समय में वन विभाग की पहल से यहां एक आधुनिक ‘इको लॉज’ का निर्माण भी योजना में शामिल है, जो पर्यटकों को यादगार अनुभव प्रदान करेगा। इस प्रयास के लिए केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन, वन विभाग और जलसिंचाई विभाग की सराहना की।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने बड़ा केरजांग मंडल द्वारा आयोजित ‘नागरिक संवर्धना सभा’ में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीब कल्याण है। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर सामाजिक सुरक्षा भत्ता तक, सभी सरकारी सुविधाएं योग्य हिताधिकारियों तक पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचें, यह हमारी प्रतिबद्धता है।
श्री प्रधान ने यह भी कहा कि जलसिंचाई के विस्तार, बेहतर आवागमन और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन और जल स्रोतों का संतुलित विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था और समाज के दीर्घकालिक लाभ के लिए अत्यंत आवश्यक है।
यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आगामी योजनाओं में डेरजांग को एक सतत और आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना शामिल है, जिससे क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
