मंडी, 27 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम, मंडी द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र व्यक्तियों को स्वरोजगार व्यवसाय ऋण तथा शिक्षा ऋण कम ब्याज दरों पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जिला प्रबंधक, हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम, मंडी कमलजीत ने पात्र लोगों से निगम की ऋण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया है।

उन्होंने बताया कि इसके लिए आवेदक का अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति परिवार से संबंधित होना, हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना तथा उसकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए या इससे कम होना आवश्यक है।

हिम स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 3 से 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध है, जिस पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू है। ऋण की अदायगी अवधि अधिकतम 5 वर्ष निर्धारित की गई है तथा 50,000 रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। उसी प्रकार माइक्रो क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत 1.4 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध है। ब्याज दर 6.5 प्रतिशत निर्धारित है तथा ऋण अदायगी अवधि अधिकतम 3 वर्ष है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
