अनूपपुर, 04 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग की जन्म दी गई नवजात बच्ची की जिला चिकित्सालय अनूपपुर में मौत हो गई। बच्ची का जन्म 2 अप्रैल को हुआ था और शनिवार को उसने दम तोड़ दिया।

चिकित्सालय की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने नाबालिग मां और प्री-मैच्योर बच्चे का मामला देखते हुए डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल भी लिया है।
महिला थाना उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा ने बताया कि यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। जैतहरी का एक 17 वर्षीय नाबालिग, जिसके माता-पिता नहीं हैं, अपने बड़े पापा के घर छत्तीसगढ़ के पेंड्रा थाना क्षेत्र में रहता था। वहीं उसकी मुलाकात 15 वर्षीय नाबालिग से हुई और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। शारीरिक संबंध के चलते किशोरी गर्भवती हो गई। बदनामी के डर से, जब किशोरी चार माह की गर्भवती थी, तब वह किशोर के साथ जैतहरी आ गई। जैतहरी में बिना किसी स्वास्थ्य जांच या मेडिकल सुविधा के किशोरी ने घर पर ही बच्ची को जन्म दिया। मां और बच्ची दोनों एनीमिक होने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
नाबालिग के अनुसार वह नवजात को नाल सहित इलाज के लिए जैतहरी स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। 2 अप्रैल की रात किशोरी जिला अस्पताल पहुंची, जहां नवजात का इलाज एसएनसीयू में चल रहा था।
4 अप्रैल की सुबह नवजात की मौत हो गई। पुलिस को एक दिन पूर्व डीएनए जांच के लिए दिनभर इंतजार करना पड़ा, कारण जिला चिकित्सालय में महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं थी। रात में बच्चे का डीएनए टेस्ट संभव हो सका। फिलहाल, पुलिस ने शून्य पर मामला दर्ज कर लिया है और फाइल को छत्तीसगढ़ के पेंड्रा पुलिस को सौंपने की तैयारी कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला
