अनूपपुर, 11 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में 79 दिनों से तीन हाथियों का समूह जैतहरी के धनगवां बीट से लगे जंगलों के आसपास के ग्रामों के ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर रखा है। हाथी रात में अचानक खेतों में पहुंच कर फसलों सहित घरों को नुकसान कर रहें हैं। ऐसा प्रतीत होता हैं कि हाथियों ने इस क्षेत्र को अपना स्थाई आवास बना लिया है।

तीन हाथियों का समूह जिले के अनूपपुर एवं जैतहरी वन परिक्षेत्र एवं थाना क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र से लगे धनगवां बीट के जंगल में दिन बीताने बाद रात अचानक सभी को चकमा देते हुए जंगल से निकलकर ग्रामीणों के खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बना रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा हाथियों को भगायें जाने का विभिन्न माध्यमों से रात भर प्रयास किए जाने के बाद भी तीनो हाथी बाहर जाने को तैयार नहीं हैं।
4 दिनों से तीनों हाथियों द्वारा धनगवां बीट के जंगल से लगे ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के सरईहा टोला, बेल्हाटोला ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव से लगे भलुवान टोला, गोढा टोला पडमनिया टोला, वन चौकी टोला में विचरण कर रहे हैं। गोढाटोला निवासी नत्थू राठौर के खेत में लगी गेहूं की फसल को चार दिनों से फसल खा कर नुकसान कर रहे हैं। मंगलवार -बुधवार की रात तीनों हाथियों ने कई कई घंटो तक गेहूं की फसल को आहार बनाया, इस बीच पडमनिया टोला निवासी कमलेश राठौर, खेरवाटोला निवासी सुशील राठौर, भलुवान टोला निवासी संतोष कोल के खेत एवं बांड़ी में लगी गेहूं तथा विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाया।
मंगलवार एवं बुधवार की रात वन पर क्षेत्राधिकारी जैतहरी विवेक मिश्र, सहायक वेंकटनगर संतोष कुमार श्रीवास्तव, वन्यजीव संरक्षण अनूपपुर शशिधर अग्रवाल, वनरक्षक कोमल सिंह मरावी, नारेंद्र पटेल, बृजेश गुप्ता, पंकज सक्तेल के साथ वन वनरक्षक एवं सुरक्षा श्रमिकों ने ग्रामीणों के साथ हाथियों को जंगल की ओर भेजे जाने का विभिन्न माध्यमों से निरंतर प्रयास किए जाने के बाद भी तीनों हाथी खेत में लगी गेहूं की फसल को खाकर पेट भरने बाद सुबह होते ही स्वयं जंगल की ओर चले गये। बुधवार की सुबह एक वार फिर धनगवां बीट के जंगल बीहीडोंगरी, चिमटहाई डोंगरी के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। रात किस और निकल कर ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाएंगे यह रात होने पर ही पता चल सकेगा। हाथियों के निरंतर विचरण से जंगल से लगे कई ग्रामो के ग्रामीण परिवार सहित रात रात भर जाग कर छतो के ऊपर आग जलाकर रात बिताने को बाध्य है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला
