नई दिल्ली, 06 फ़रवरी (हि.स.)। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में जल बोर्ड के गड्ढे में गुरुवार की रात गिरकर बाइक सवार कमल ध्यानी (25) की मौत के मामले में दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आज तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया। दिल्ली पुलिस ने भी मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उक्त स्थान पर पिछले कई महीनों से सीवर लाइन से जुड़ा कार्य चल रहा था। प्रारंभिक निरीक्षण में सामने आया कि चल रहे सीवर प्रोजेक्ट के तहत गहरा गड्ढा खोदा गया था। प्रारंभिक तौर पर यह पाया गया कि खुदाई स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी तरह नहीं थीं तथा वहां दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी थी, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था में पर्यवेक्षण और अनुपालन में हुई चूक को गंभीरता से लेते हुए मंत्री प्रवेश साहिब सिह ने संबंधित तीन अधिकारियों (कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता) को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए हैं। कार्य निष्पादन कर रही एजेंसी के विरुद्ध जांच प्रारंभ कर दी गई है तथा दोष सिद्ध होने की स्थिति में ब्लैकलिस्टिंग सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त दिल्ली जल बोर्ड द्वारा एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जो जिम्मेदारी तय करने, प्रक्रियागत खामियों की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सुधारात्मक उपाय सुझाएगी।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है। प्रभावित परिवार के साथ सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त दराडे शरद भास्कर के अनुसार, 6 फरवरी को सुबह करीब 8:03 बजे थाना जनकपुरी में पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने बताया कि आंध्र स्कूल के पास बी-3बी इलाके में एक व्यक्ति गहरे गड्ढे में गिर गया है और मदद की जरूरत है। सूचना मिलते ही एसएचओ जनकपुरी जांच अधिकारी और पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचे। वहां जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा मिला, साथ ही उसकी अपाचे बाइक भी गड्ढे में गिरी हुई थी।
दमकल विभाग की मदद से युवक को बाहर निकाला गया और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, हरिनगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में मृतक की पहचान कैलाशपुरी पालम कॉलोनी निवासी कमल ध्यानी के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कमल अपने ऑफिस से घर लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
मृतक के भाई करण ध्यानी ने पत्रकारों बताया कि रात करीब 1:35 बजे वह अपने दोस्तों के साथ थाना विकासपुरी पहुंचा था, लेकिन वहां किसी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली। इसके बाद अंतिम कॉल लोकेशन के आधार पर वह जनकपुरी पहुंचा और रात 2:50 बजे अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, फोटो और बाइक का विवरण सभी थानों और कंट्रोल रूम में साझा किया। पार्क और आसपास के इलाकों में घंटों तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह पीसीआर कॉल आने पर सच्चाई सामने आई।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार इस मामले में थाना जनकपुरी में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दिल्ली जल बोर्ड के ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव
