– बैसाखी पर विधानसभा के विशेष में सत्र में पास हुआ विधेयक

– श्रीगुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 सर्वसम्मति से पास
चंडीगढ़, 13 अप्रैल (हि.स.)। पंजाब विधानसभा
ने श्री गुरू
ग्रंथ साहिब
के सत्कार के
लिए आज सर्वसम्मति
से ‘जागत जोत
श्री गुरू ग्रंथ
साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026’ पास कर
दिया, जिसमें गुरू
साहिब की बेअदबी
के लिए सख्त
सजा का प्रावधान
किया गया है। इस निर्णायक
कदम के तहत भगवंत मान
सरकार ने बेअदबी
के लिए उम्र
कैद तक की सजा का प्रावधान
किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विवरण के अनुसार इस कानून को
पिछली सरकारों की
नाकामियों में ऐतिहासिक
सुधार करार देते
हुए मुख्यमंत्री ने
पुष्टि की कि नया कानून
पिछली सरकारों की
कमियों को दूर करने के
साथ-साथ तेजी
से जांच सुनिश्चित
बनाता है, अपराधों
को गैर-जमानती
बनाता है और 5 साल से
लेकर उम्र कैद
तक सख्त सजाओं
के साथ-साथ
20 लाख रुपए तक के जुर्माने
की व्यवस्था करता
है, जबकि बेअदबी
में सहायता करने
वालों को भी बराबर जवाबदेह
बनाता है।
प्रक्रियात्मक
पहलू के बारे में बात
करते हुए उन्होंने
कहा कि यह बिल एक
स्टेट बिल है, इसलिए इसके
लिए राष्ट्रपति की
सहमति की जरूरत
नहीं होगी। उन्होंने
कहा कि राज्य
विधानसभा से पास
होने के बाद बिल को
राज्य के राज्यपाल
के पास भेजा
जाएगा। अगर राज्यपाल
को समय लगता
है, तो वे खुद उनसे
मिलेंगे और उन्हें
तुरंत बिल को मंजूरी देने
की अपील करेंगे।
बिल के प्रावधानों
के बारे में
उन्होंने कहा, “जागत
जोत श्री गुरू
ग्रंथ साहिब सत्कार
एक्ट, 2008 में संशोधन
करके अब जागत जोत श्री
गुरू ग्रंथ साहिब
सत्कार (संशोधन) बिल,
2026 बनाया गया है,
ताकि साम्प्रदायिक सद्भावना
और राष्ट्रीय एकता
की तानों को
मजबूत किया जा सके और
बेअदबी की नापाक
कोशिशों के लिए उम्र कैद
सहित सख्त सजाएं
दी जा सकें।
यह देखा गया
है कि बेअदबी
की घटनाओं में
शामिल दोषी मानसिक
रूप से परेशान
होने का दिखावा
करते हैं, लेकिन
इस एक्ट में
कहा गया है कि मानसिक
रूप से परेशान
होने का दिखावा
करने वाले व्यक्ति
के परिवार के
सदस्यों पर भी इस गैर-माफी योग्य
अपराध के लिए मुकदमा चलाया
जाएगा। इसमें ‘कस्टोडियन’
की परिभाषा दी
गई है, जिसके
अनुसार हर कस्टोडियन
को सुरक्षित कस्टडी,
सुरक्षा और दुरुपयोग
या नुकसान को
रोकने के लिए पूरी तरह
जिम्मेदार ठहराया जाएगा
(धारा 3बी)।
उन्होंने कहा, “बेअदबी
के मामलों की
समय पर और सुचारू रूप
से जांच सुनिश्चित
बनाने के लिए व्यवस्था की गई है (धारा
4ए) और इस कानून के
अधीन अपराध गैर-जमानती होगा
तथा इस संबंध
में कोई समझौता
नहीं किया जाएगा
(धारा 4बी)। एक्ट के
मुताबिक सजाओं में
वृद्धि की गई है, जिसमें
20 लाख रुपए तक जुर्माना और उम्र कैद तक
की सजा शामिल
है (धारा 5)।
अपराधों को पांच किस्मों में श्रेणीबद्ध
किया गया है, क्योंकि एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन
करने पर 5 साल
तक की कैद और 10 लाख
रुपए का जुर्माना
किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह
मान ने कहा,
“पवित्र ग्रंथ की
बेअदबी करने पर
7 से 20 साल की कैद और
2 से 10 लाख रुपए
तक का जुर्माना
लगाया जाएगा। इसके
साथ ही सामाजिक
या धार्मिक सद्भावना
को भंग करने
के इरादे से
बेअदबी करने पर
10 साल से लेकर उम्र कैद
तक की सजा और 5 से
25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
बेअदबी में सहायता
करने वालों को
भी बराबर सजा
मिलेगी और बेअदबी
करने की कोशिश
करने पर 3 से
5 साल की कैद और 1-3 लाख
रुपये का जुर्माना
लगाया जाएगा। यह
प्रस्तावित कानून ऐसी
अमानवीय गतिविधियों पर
रोक लगाने का
काम करेगा और
राज्य में शांति,
भाईचारक सद्भावना तथा
धार्मिक भावनाओं का
सत्कार बनाए रखने
में मदद करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH
