मंडी, 06 फ़रवरी (हि.स.)। मंडी में आयोजित एक विशेष जागरूकता अभियान और भाजपा की जिला स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि अफ़वाह फैलाना, सफेद झूठ बोलना और जनता को सुनियोजित तरीके से गुमराह करना ही कांग्रेस का असली राजनीतिक चरित्र बन चुका है।

उन्होंने विशेष रूप से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण’ को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम की कड़ी आलोचना करते हुए तथ्यों के साथ स्पष्ट किया कि राज्य की सुक्खू सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं, विकास कार्यों की ठप पड़ी गति और गहरे आर्थिक कुप्रबंधन को छिपाने के लिए लगातार केंद्रीय बजट और दिल्ली की नीतियों के बारे में प्रदेशवासियों के बीच झूठ परोस रही है।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक अनिल शर्मा, जिलाध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, जिला प्रभारी बलदेव भंडारी, सह प्रभारी भीमसेन शर्मा, मेयर वीरेंद्र भट्ट, प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा और पाल वर्मा भी उपस्थित रहे। भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही जहाँ सभी ने एकजुट होकर कांग्रेस के इस दुष्प्रचार के खिलाफ जमीनी स्तर पर जन-अभियान चलाने का दृढ़ संकल्प लिया।
मंडी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे हर बात पर केंद्र सरकार को कोसने और भाजपा सांसदों को बेवजह घेरने के बजाय इस बात पर आत्मचिंतन करें कि हिमाचल को वर्तमान आर्थिक बदहाली से कैसे उबारा जाए।
ठाकुर ने मुख्यमंत्री द्वारा बिलासपुर में दिए गए उस बयान का भी करारा जवाब दिया जिसमें सुक्खू ने जयराम ठाकुर के नेतृत्व में राजस्व अनुदान घाटा ग्रांट पर केंद्र के सामने हिमाचल का पक्ष रखने की बात कही थी। जयराम ठाकुर ने दो टूक कहा कि वे प्रदेश हित के लिए मुख्यमंत्री के साथ कहीं भी, किसी भी समय चलने के लिए तैयार हैं और उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री को पहले केंद्र के सामने अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने की कला सीखनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस आर.डी.जी. ग्रांट को लेकर केवल शोर मचा रही है, जबकि केंद्र सरकार ने बहुत पहले ही वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप इस ग्रांट को धीरे-धीरे बंद करने के संकेत दे दिए थे। इसके विपरीत, वर्तमान केंद्रीय बजट में बहुत कुछ ऐसा है जिससे पर्वतीय राज्यों को अनेकों लाभ पहुँच रहे हैं, जिसमें टैक्स के स्टेट शेयर में 10 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी एक ताजा उदाहरण है।
जयराम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि सुक्खू सरकार को अपनी गारंटियों से मुकरने और जनता का ध्यान भटकाने के लिए केंद्र पर दोषारोपण करने की आदत अब छोड़नी होगी, क्योंकि हिमाचल की प्रबुद्ध जनता अब उनके इस छलावे को पहचान चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
