इंफाल, 13 मार्च (हि.स.)। मणिपुर पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे अफीम की खेती के विरूद्ध अभियानों के चलते खेती करने वाले एवं इस अवैध गतिविधि को संरक्षण देने वालों के बीच हाहाकर की स्थिति बनी हुई है। ऐसी ही एक कार्रवाई के चलते दो समूहों में अत्याधुनिक हथियारों से गोलीबारी की घटना प्रकाश में आई है।

मणिपुर पुलिस मुख्यालय द्वारा आज जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि बुधवार की सुबह थवाई कुकी पहाड़ी श्रृंखला (मापितहेल पहाड़ी श्रृंखला) में अफीम की खेती वाली जगह पर बनी कुछ झोपड़ियों को कथित तौर पर पुलिस, वन विभाग के संयुक्त अभियान में जला दिया गया। साथ ही अफीम की खेती करने वाले दो कुकी किसानों को हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद, तांगखुल और कुकी समूहों के हथियारबंद बदमाशों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें कथित तौर पर अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। गोलीबारी और झड़प की इस घटना के दौरान, कुछ युवक लापता हो गए।
इस बीच, शांगकाई गांव में कुकी स्वयंसेवकों और स्थानीय महिलाओं ने मिलकर, लगभग 21 तांगखुल नागरिकों को ले जा रहे कुछ वाहनों को रोक लिया।
वहीं गुरुवार की तड़के पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन दो कुकी नागरिकों को बचा लिया, जिन्हें पहले लेइंगांगचिंग में हिरासत में लिया गया था; इसके बाद, उखरुल के जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में उन्हें कुकी सीएसओ के प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया। पुलिस इस संबंध में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।——————-
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
