नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)।

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार(10 फरवरी) से शुरू होने वाले राष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। साइबर सक्षम धोखाधड़ी से निपटने और पारिस्थितिकी तंत्र को ध्वस्त करने विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर गृह मंत्री केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों के अलंकरण समारोह की भी अध्यक्षता करेंगे। इसके साथ ही सीबीआई की नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन भी करेंगे। अमित शाह गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के एसफोरसी डैशबोर्ड का शुभारंभ भी करेंगे।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई साल 2000 से साइबर अपराधों की जांच कर रहा है और साल 2022 में साइबर अपराध जांच प्रभाग की अलग से स्थापना की गई। यह एजेंसी केंद्र सरकार और उसके कार्यालयों से जुड़े साइबर अपराधों की जांच के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है जिसमें साइबर पर निर्भर अपराध और साइबर सक्षम धोखाधड़ी शामिल है।
गृह मंत्रालय ने की विज्ञप्ति में बताया कि इस दो दिवसीय सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य भारत में साइबर सक्षम धोखाधड़ी के पैमाने रुझानों और बदलते स्वरूप की साझा समझ विकसित करना है। इसके अंतर्गत साइबर धोखाधड़ी पारिस्थितिकी तंत्र के तीन प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की जाएगी। साइबर क्राइम के तीन स्तंभ हैं- (1) वित्तीय स्तंभ-जिसमें म्यूल खाते और धन शोधन शामिल हैं। (2) दूरसंचार स्तंभ- जिसमें सिम ई सिम और डिजिटल अवसंरचना का दुरुपयोग शामिल है। (3) मानवीय स्तंभ- जिसमें साइबर गुलामी और ठगी केंद्रों में मानव तस्करी शामिल है, इन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, नियामकों और प्रौद्योगिकी मंचों के बीच अंतर एजेंसी और सार्वजनिक निजी सहयोग को मजबूत करने की योजना तैयार की जाएगी। इसी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आंकड़ा विश्लेषण के माध्यम से सीमित मानव संसाधनों के बीच जांच क्षमताओं को बढ़ाने पर चर्चा होगी।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर
