अलवर, 24 फ़रवरी (हि.स.)। अलवर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की बोर्ड बैठक सोमवार को चेयरमैन नितिन सांगवान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में दुग्ध उत्पादक किसानों के कल्याण, डेयरी क्षेत्र के विस्तार और विपणन सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए, जिन्हें क्षेत्र के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

चेयरमैन नितिन सांगवान ने बताया कि समिति सचिव की सामान्य मृत्यु पर दी जाने वाली सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं दुर्घटना में मृत्यु होने पर सहायता राशि 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। गंभीर बीमारी की स्थिति में मिलने वाली सहायता भी 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। सरस डेयरी की ‘मायरा योजना’ के अंतर्गत सक्रिय दुग्ध उत्पादक सदस्यों की दो पुत्रियों के विवाह पर 21-21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक अवसरों पर आर्थिक संबल मिलेगा। अलवर डेयरी में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता का नया प्लांट स्थापित करने को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को बेहतर विपणन सुविधा और समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।

नेशनल प्रोग्राम फार डेयरी डवलेपमेंट (एनपीडीडी) योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार से 50 प्रतिशत अनुदान पर 140 नई पंजीकृत समितियों को लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इससे डेयरी ढांचे को मजबूत करने और नई समितियों को प्रोत्साहन मिलेगा। डेयरी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के उद्देश्य से बहरोड़, नीमराना और भिवाड़ी में नए कार्यालय खोले जाएंगे, जहां से विपणन और संचालन गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बैठक में लिए गए ये निर्णय न केवल दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे, बल्कि अलवर जिले में डेयरी क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई गति देंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार
