दुमका, 12 मार्च (हि.स.)। अवैध बालू का खनन एवं भंडारण का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। उपराजधानी दुमका के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र से हर रोज सरकार को लाखों रुपये की राजस्व क्षति पहुंच रही है। अवैध बालू के भंडारण की सूचना पर सीओ कपिल देव ठाकुर सिजुवा पहुंचकर भारी मात्रा में अवैध बालू भंडारण को देख भौचक रह गए।

मौके पर तुरंत शिकारीपाड़ा पुलिस को सूचना देकर अवैध बालू को जब्त कर प्रखंड परिसर में लाने का निर्देश दिया। लेकिन कुछ देर बाद सीओ से जब पूछा गया, तो इस संबंध में बताया कि सीमावर्ती पश्चिम बंगाल से हैं। इसलिए बालू जब्त करने संबंधी मामले की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि झुनकी नदी से विगत कई माह से बालू का उत्खनन कर करीब 150 ट्रैक्टर से बालू मलूटी गेट के समीप सिजुआ गांव में डंपिंग की जा रही है। जहां से शाम होते ही हाईवा एवं ट्रकों से बालू का उठाव कर पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है। बालू माफिया इस अवैध काले कारोबार बगैर प्रशासनिक संलिप्ता के संभव नहीं है।
बालू भंडारण स्थल से महज 200 मीटर पर पुलिस की गश्ती वाहन के माध्यम से वाहनों जांच की जाती है। हालांकि जांच में एक भी वाहन पकड़े नहीं जा रहे हैं। मौके पर सीओ ओवरलोड बोल्डर ले जा रहे हैं हाईवा को भी रोकने का प्रयास किया, लेकिन एक भी वहां नहीं रुकी। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि अवैध पत्थर व बालू माफिया कारोबार कर रहे हैं। जिससे नहीं सिर्फ सरकार को लाखों रूपये राजस्व की क्षति हो रही है, बल्कि प्रकृति का भी स्वरूप भी बिगड़ रहा है एवं पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार
