अशोकनगर,09 अप्रैल (हि.स.)। रेलवे प्रशासन द्वारा जोधपुर-भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस को आधुनिक एलएचबी रैक से संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

रेलवे के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने गुरुवार को बताया कि गाड़ी संख्या 14813/14814, जोधपुर-भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस को जोधपुर से 14 अप्रैल से एलएचबी रैक से संचालित किया जाएगा। इस रेलसेवा में एलएचबी रैक के अंतर्गत कुल 20 कोच लगाए जाएंगे जिनमें 2 द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित, 3 तृतीय श्रेणी वातानुकूलित, 2 तृतीय वातानुकूलित इकोनॉमी, 7 स्लीपर, 4 साधारण श्रेणी, 01 पावर कार एवं 01 गार्ड डिब्बा शामिल रहेंगे।
दरअसल अब तक एलएचबी को कोड़ी बड़ी ट्रेनों राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस में देखे जाते हैं ये एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक से निर्मित होते हैं, जो अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं उच्च गति क्षमता वाले होते हैं। इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन, उन्नत ब्रेकिंग सिस्टम एवं यात्रियों के लिए सुविधाजनक होती हैं।
जानिए क्या है एलएचबी कोच
एलएचबी यह भारतीय रेलवे के आधुनिक और उन्नत कोच (डिब्बे) हैं, जिन्हें पुराने आईसीएफ पुराने कोचों की जगह इस्तेमाल किया जा रहा है। एलएचबी कोचों की मुख्य विशेषताएं और फायदों
सुरक्षा: एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक इन कोचों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दुर्घटना की स्थिति में ये एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते। इससे जान-माल का नुकसान बहुत कम होता है।
डिस्क ब्रेक: इनमें एडवांस डिस्क ब्रेक सिस्टम होता है, जिससे तेज रफ्तार में भी ट्रेन को बहुत कम दूरी पर रोका जा सकता है।
रफ्तार: एलएचबी कोचों को तेज गति के लिए ही डिजाइन किया गया है। ये कोच 160 किमी/घंटा से लेकर 200 किमी/घंटा तक की रफ्तार भरने में सक्षम हैं, जबकि पुराने नीले कोच अधिकतम 110-120 किमी/घंटा तक ही चल सकते थे।
बनावट और आरामदायक सफर: ये कोच पुराने आईसीएफ कोचों की तुलना में लगभग 2 मीटर लंबे होते हैं। इस वजह से इनमें यात्रियों के बैठने और सामान रखने के लिए थोड़ी ज्यादा जगह मिलती है।
शोर कम: इनमें सस्पेंशन सिस्टम काफी उन्नत होता है, जिससे चलते समय झटके कम लगते हैं और शोर भी बहुत कम होता है।
मटीरियल: ये स्टेनलेस स्टील से बने होते हैं, जिससे इनका वजन कम होता है और इनमें जंग लगने का खतरा नहीं रहता।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार
