– प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने 24वें बोडोलैंड दिवस की दी शुभकामनाएं

गुवाहाटी, 10 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कल्याण गोगोई ने कहा कि आज़ादी से पहले अंग्रेज भारत के अलग-अलग हिस्सों, खासकर बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों के लोगों को चाय बागान के कामों के लिए असम लाए थे। आज़ादी के 70 साल बाद भी कांग्रेस ने उन्हें उस ज़मीन पर उनके सही हक से लगातार दूर रखा, जिसपर वे पीढ़ियों से रह रहे थे। उन्होंने कहा कि 2021 में असम में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद लंबे समय से नज़रअंदाज़ किए गए मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया गया। सरकार ने इस गर्व करने वाले समुदाय को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया, जो पीढ़ियों से असम में रह रहा है, असम की हवा में सांस ले रहा है, इसका पानी पी रहा है, असमिया भाषा, साहित्य और संस्कृति को अपना रहा है और असम को अपनी मातृभूमि के रूप में स्वीकार कर रहा है, उन्हें ज़मीन का अधिकार देकर।

इसके मुताबिक राज्य के 20 जिलों के 825 चाय बागानों में करीब चार लाख चाय बागान मज़दूर परिवारों को इस पहल से फ़ायदा होगा। पहले फ़ेज़ में, 103 चाय बागानों में सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है और बीते कल मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने असम के कई इलाकों में चाय बागान मज़दूरों को ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ बांटे। इस पहल के तहत, चाय बागान मज़दूरों को कुल 2,18,553 बीघा ज़मीन दी जाएगी। यह बातें प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता कल्याण गोगोई ने आज जारी एक बयान में कही।
इसके अलावा, भाजपा सरकार के कार्यकाल में, चाय बागान इलाकों के साथ-साथ असम के दूसरे हिस्सों में भी कई लोगों से जुड़े काम किए गए हैं, जिनमें सड़कें और अस्पताल बनाना, जल जीवन मिशन के तहत पीने के पानी का इंतज़ाम, मज़दूरों को एक बार में पैसे की मदद और रोज़ की मज़दूरी बढ़ाना शामिल है।
ये ऐसी पहलें हैं जिन्हें कांग्रेस ने सत्ता में अपने लंबे समय के दौरान बागान मालिकों के साथ मिलीभगत करके और एक के बाद एक बहाने बनाकर जानबूझकर चाय बागान मज़दूरों को नहीं करने दिया। चुनाव पास आने पर, कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने इन विकास कार्यों के बारे में गलत जानकारी फैलाना शुरू कर दिया है और राजनीतिक फ़ायदे के लिए आदिवासी होने के लंबे समय से रुके हुए मुद्दे का इमोशनल फ़ायदा उठाने की कोशिश की है। यह उस समुदाय के लिए मगरमच्छ के आंसू बहाने जैसा ही है जिसने असम की इकॉनमी में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
भाजपा प्रवक्ता कल्याण गोगोई ने कहा कि कांग्रेस ने 70 सालों तक चाय समुदाय को सिर्फ़ वोट बैंक समझा और कहा कि आज का पढ़ा-लिखा और जागरूक चाय समुदाय इस सच्चाई को साफ़ तौर पर समझता है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने 24वें बोडोलैंड दिवस के मौके पर बोडोलैंड के सभी निवासियों को दिल से बधाई दी, और याद दिलाया कि बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान बोडोलैंड लिबरेशन टाइगर्स (बीएलटी) के साथ हुए ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण बोडो समझौते के नतीजे में हुआ था, जो असम के संघर्ष से लेकर संवैधानिक शांति तक के सफ़र में एक अहम अध्याय है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
