मीरजापुर, 13 मार्च (हि.स.)। हलिया विकास खंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुक्रवार को अचानक मधुमक्खियों के आतंक से दहशत का केंद्र बन गया। इलाज कराने पहुंचे मरीजों और तीमारदारों को अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल परिसर से भागना पड़ा। करीब चार घंटे तक अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और लोग डर के कारण छिप-छिपकर आते-जाते रहे।

जानकारी के अनुसार अस्पताल परिसर में लगे पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों ने बड़ा छत्ता बना रखा है। शुक्रवार सुबह एक बच्चे द्वारा छत्ते में पत्थर (छिप्पी) मार देने से मधुमक्खियां अचानक आक्रामक हो गईं। देखते ही देखते मधुमक्खियों का झुंड अस्पताल परिसर में मंडराने लगा और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से करीब छह-सात लोग घिर गए और जान बचाने के लिए भागते हुए लगभग 500 मीटर दूर ददरी रोड तक पहुंच गए, जहां तक मधुमक्खियों ने उनका पीछा किया।
घटना के बाद अस्पताल में मौजूद मरीज और तीमारदार घबराकर इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोग इलाज कराए बिना ही परिसर छोड़कर चले गए। वहीं स्वास्थ्यकर्मी भी स्थिति को देखते हुए गेट बंद कर अंदर से ही काम करते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों सूरज (22), नरेश कोल (32), जगन्नाथन (27) और वीरेन्द्र (23) ने बताया कि अचानक मधुमक्खियों का झुंड आने से लोगों में भगदड़ मच गई और सभी को अपनी जान बचाने के लिए दौड़ लगानी पड़ी। इस दौरान पर्चा बनवाने आए अविनाश (12) और आशीष (28) पर भी मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। एक मधुमक्खी अविनाश के सिर में चिपक गई और डंक मार दिया, जिसके बाद उसे अस्पताल में इंजेक्शन लगाकर उपचार किया गया।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि एक बच्चे द्वारा छत्ते में पत्थर मारने से मधुमक्खियां भड़क गई थीं, जिससे दो-तीन लोगों को डंक लगा। सभी का इलाज कर दिया गया है और अब स्थिति सामान्य है।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
