
अहमदाबाद, 09 फ़रवरी (हि.स.)। अहमदाबाद महानगर पालिका (एएमसी) ने पेट डॉग्स के लिए गुजरात का पहला आधुनिक सीएनजी आधारित डॉग क्रिमेटोरियम यानी डॉग मुक्ति धाम शुरू किया है। यह सुविधा नगर निगम द्वारा संचालित शहरी क्षेत्र में देश की पहली ऐसी पहल मानी जा रही है, जहां पालतू कुत्तों के अंतिम संस्कार की वैज्ञानिक और सम्मानजनक व्यवस्था की गई है।

नगर निगम के सीएनसीडी विभाग द्वारा शुरू किए गए इस क्रिमेटोरियम में पेट डॉग्स का अंतिम संस्कार पर्यावरण के अनुकूल किया जाता है। यह मशीन सीएनजी गैस से संचालित है जो एक समय में तीन डॉग्स के अंतिम संस्कार की क्षमता रखती है। दहन प्रक्रिया के दौरान दुर्गंध या धुआं बाहर नहीं निकलता, जिससे यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है।
यह सुविधा जमालपुर चार रास्ता से खोडियारनगर चार रास्ता रोड स्थित सुएज पंपिंग स्टेशन कैंपस, बहरामपुरा में शुरू की गई है। करीब 30 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस मशीन में 800 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान पर दहन प्रक्रिया पूरी होती है। एक डॉग के अंतिम संस्कार पर लगभग 700 रुपये का खर्च आता है।
मानव क्रिमेटोरियम की तरह यहां भी संवेदनशील व्यवस्थाएं की गई हैं। पेट डॉग के मालिक अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं या सीसीटीवी के माध्यम से घर बैठे प्रक्रिया देख सकते हैं। अंतिम संस्कार के बाद राख को मिट्टी के कलश में सम्मानपूर्वक परिवार को सौंपा जाता है।
इस सेवा का लाभ लेने के लिए पेट डॉग के मालिक को 155303 नंबर पर जानकारी देनी होती है और डॉग के रजिस्ट्रेशन की रसीद जमा करनी होती है। रजिस्ट्रेशन न होने पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या सेवा डोनेशन की सुविधा भी उपलब्ध है।
महानगर पालिका के अनुसार मृत जानवरों को जमीन में दफनाने से प्रदूषण और संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। क्रिमेशन प्रक्रिया से वायरस और संक्रमण का खतरा कम होता है। शहर में पालतू कुत्तों की बढ़ती संख्या और मालिकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है। भविष्य में इसकी मांग को देखते हुए दो और डॉग क्रिमेटोरियम शुरू करने की योजना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे
