रांची, 28 जनवरी (हि.स.)। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों का डेटा नियमित और सही तरीके से ऐप पर अपलोड किया जाए। पोषण ट्रैकर ऐप भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं एवं 0 से 6 वर्ष के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और विकास की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव है। यह बातें उपायुक्त ने बुधवार को आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षात्मक बैठक कही।

बैठक में टीकाकरण, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस), अपार आईडी सहित अन्य गतिविधियों की नियमित एंट्री पोषण ट्रैकर ऐप पर सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि समीक्षा के दौरान जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाए जाने पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं ने बताया कि समुचित प्रशिक्षण के अभाव में एंट्री में कठिनाई आ रही है। इस पर उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में पोषण ट्रैकर ऐप के उपयोग एवं डेटा एंट्री को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण 28 जनवरी को सदर, बुंडू, तमाड़, सोनाहातु, अनगड़ा, बेड़ो, लापुंग एवं नगड़ी तथा 29 जनवरी को कांके, नामकुम, रातु, बुड़मू, ओरमांझी, मांडर, चान्हों एवं सिल्ली प्रखंडों के लिए आयोजित होगा। प्रशिक्षण में सभी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाएं और प्रत्येक प्रखंड से चयनित आंगनबाड़ी सेविकाएं शामिल होंगी।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद ऐप का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे आंगनबाड़ी गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, कुपोषण में कमी और पोषण सेवाओं में सुधार संभव होगा। जिला प्रशासन इस दिशा में लगातार मॉनिटरिंग करेगा। बैठक में कई अधिकारी पदाधिकारी और अन्य लोग मौजूद थे।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
