मुंबई, 13 अप्रैल (हि.स.)। मुंबई में एक मल्टी-मॉडल ट्रांज़िट नेटवर्क विकसित करने के लिए अगले छह साल में चार हेलीपैड बनाए जाएंगे। मुंबई मनपा कोस्टल रोड परियोजना के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में दो हेलीपैड बनाएगी, जबकि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) उपनगर के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में दो हेलीपैड बनाएगा।

इन प्रस्तावित हेलीपैड का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराना है। एयर एम्बुलेंस और किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने में इनका उपयोग किया जाएगा। एमएमआरडीए ने बीकेसी में दो हेलीपैड बनाने के लिए टेंडर पिछले साल जुलाई में जारी किया था। अभी इनका निर्माण कार्य चल रहा है। मुंबई मनपा ने कोस्टल रोड के उत्तरी हिस्से कांदिवली के चारकोप में एक हेलीपैड बनाने का प्रस्ताव रखा है। एमएमआर क्षेत्र में वर्सोवा को भायंदर से जोड़ने वाले कोस्टल रोड के लिए यह हेलीपैड प्रस्तावित किया गया है। बीते दिसंबर महीने में वर्ली में कोस्टल रोड के दक्षिणी हिस्से के पास एक हेलीपैड बनाने के लिए टेंडर जारी किया गया था। वर्ली में हेलीपैड बनाने का टेंडर रेमंड ग्रुप को दिया गया है। जिस जगह पर यह हेलीपैड बनाया जाएगा, वहां पहले एक पुरानी जेट्टी हुआ करती थी। हालांकि वर्ली के कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार ये हेलीपैड आपात स्थितियों के लिए बनाए जाएंगे। अगले पांच वर्ष में कोस्टल रोड और गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर बनेंगे। इसलिए, हेलीपैड के लिए जगह बनाकर एक मल्टी-मॉडल ट्रांज़िट सिस्टम का विकल्प खुला रखना है। खास तौर पर कोस्टल रोड के पास की जगहों को चुना गया है, ताकि आवाजाही में कोई रुकावट न आए। यात्री हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद आसानी से गाड़ी लेकर शहर के किसी भी हिस्से में जा सकें। हेलीपैड नीजि ठेकेदार पीपी मॉडल के तहत अपने खुद के पैसे से बनाएंगे और उनका रखरखाव भी करेंगे। इससे जो भी कमाई होगी, उसे संबंधित एजेंसी और ठेकेदार आपस में बांट लेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
