रामगढ़, 30 मार्च (हि.स.)। शहर के बाजार समिति स्थित रामप्रसाद चंद्रभान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सोमवार को नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से पूर्व तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।

यह कार्यशाला विद्या विकास समिति, झारखंड के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना एवं आगामी सत्र की ठोस रूपरेखा तैयार करना है।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव शंकर लाल अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में शिक्षकों की भूमिका को समाज निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि एक सशक्त राष्ट्र की नींव कक्षा में ही रखी जाती है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास बौद्धिक, शारीरिक और नैतिक के लिए निरंतर चिंतन करें और समय-समय पर प्रशिक्षण लेकर स्वयं को अपडेट रखें। कार्यशाला के दौरान आचार्यों को नई शिक्षण तकनीकों, प्रभावी पाठ योजना निर्माण, संस्कारयुक्त शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र को अधिक व्यवस्थित और परिणामदायक बनाने के लिए योजनाएं तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पूरे सत्र को सुचारू और सुनियोजित तरीके से संचालित करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा में अलग-अलग प्रतिभा निहित होती है, जिसे पहचान कर उसे सही दिशा में विकसित करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को प्रेरित करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश
