

आजमगढ़, 10 फ़रवरी (हि.स.)। बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखने और उनके बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिले में विशेष अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी ने एक विद्यालय में कार्यक्रम का शुभारम्भ कर बच्चों एवं अभिभावकों को कृमिनाशक दवा के प्रति जागरूक किया।


जूनियर हाई स्कूल जाफरपुर में मंगलवार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का भव्य शुभारम्भ जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने छात्र-छात्राओं को अल्बेन्डाजोल की दवा खिलाकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के स्काउट-गाइड के बच्चों के सलामी और तालियों के साथ स्वागत से हुई, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण रहा।
दवा खिलाने से पूर्व जिलाधिकारी ने स्वयं अल्बेन्डाजोल का सेवन कर यह संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। उन्होंने बताया कि कृमिनाशक दवा बच्चों के शारीरिक विकास, मानसिक क्षमता और पोषण स्तर के लिए अत्यंत आवश्यक है। पेट में कीड़े होने से बच्चों में कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें इस दवा के माध्यम से रोका जा सकता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोरों के लिए चलाया जा रहा है। जो बच्चे किसी कारणवश आज दवा नहीं ले पाएंगे, उनके लिए 13 फरवरी को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की, कि वे अपने बच्चों को यह दवा अवश्य दिलाएं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने दवा को सुरक्षित बताते हुए सभी पात्र बच्चों को दवा दिलाने का आग्रह किया। डिप्टी सीएमओ एवं नोडल एनडीडी डॉ. अरविंद चौधरी ने बताया कि जिले के सभी सरकारी, निजी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा निःशुल्क दी जा रही है। कार्यक्रम में शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव चौहान
