कोलकाता, 27 जनवरी (हि. स.)। पूर्व कोलकाता के आनंदपुर इलाके में स्थित गोदामों में लगी भीषण आग के 32 घंटे बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। घटनास्थल पर अब भी कई जगहों पर पॉकेट फायर मौजूद हैं। इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि कम से कम 14 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच दमकल विभाग के महानिदेशक ने खुलासा किया है कि संबंधित गोदाम में न तो पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपाय थे और न ही इसके संचालन के लिए दमकल विभाग से कोई वैध अनुमति ली गई थी।

सोमवार तड़के करीब तीन बजे नाजिराबाद, आनंदपुर स्थित एक मोमो निर्माण कंपनी के गोदाम में आग लगी थी, जो देखते ही देखते दो अन्य पास के गोदामों में फैल गई। आग बुझाने के लिए 12 दमकल गाड़ियों को लगाया गया, लेकिन सोमवार रात तक भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।

मंगलवार सुबह भी जले हुए गोदामों के भीतर कई स्थानों पर आग सुलगती रही और मलबे से काला धुआं उठता देखा गया। अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। शव इस कदर झुलस चुके हैं कि उनकी पहचान संभव नहीं हो पा रही है। अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं और लोग मलबे के नीचे फंसे तो नहीं हैं।
मंगलवार सुबह दमकल विभाग के महानिदेशक रणवीर कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गोदाम को अग्नि सुरक्षा से संबंधित कोई भी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिकायत दर्ज की गई है और जांच की जाएगी कि बिना अनुमति के गोदाम इतने लंबे समय से कैसे संचालित हो रहा था। उन्होंने यह भी माना कि इसमें विभागीय स्तर पर चूक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना के लगभग 32 घंटे बाद मंगलवार सुबह राज्य के अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस घटनास्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने देर से आने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। तृणमूल समर्थकों के साथ इस दौरान झड़प भी हुई, हालांकि बाद में स्थिति पर काबू पा लिया गया।
अग्निशमन मंत्री ने दोनों जले हुए गोदामों का निरीक्षण किया और दमकल कर्मियों व अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात की। मंत्री ने कहा कि यह इलाका बारूद के ढेर जैसा था। करीब 35 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में एक मोमो फैक्ट्री और एक डेकोरेटर का गोदाम साथ-साथ संचालित हो रहा था। अंदर भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। नुकसान काफी बड़ा है। उन्होंने स्वीकार किया कि गोदामों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी और इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह जांच भी होगी कि क्या यहां कभी फायर ऑडिट कराया गया था या नहीं।
इधर, पूर्व मेदिनीपुर के मोयना से भाजपा विधायक अशोक दिन्दा भी मंगलवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस हादसे को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि ममता बनर्जी सरकार की लापरवाही, अक्षमता और प्रशासनिक विफलता का परिणाम है।
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि आनंदपुर का यह इलाका ईस्ट कोलकाता वेटलैंड्स क्षेत्र में आता है, जहां अवैध रूप से जमीन का उपयोग बदलकर बिना किसी नियम-कानून के औद्योगिक इकाइयां खड़ी की गईं। उन्होंने कहा कि ज्वलनशील सामग्री से भरे, बाहर से बंद गोदामों में लोग फंस गए, जहां न तो निकास मार्ग थे और न ही अग्नि सुरक्षा के कोई इंतजाम।
उन्होंने अग्निशमन मंत्री के देर से घटनास्थल पर पहुंचने पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि सवाल पूछने के बजाय सरकार को जवाब देना चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, दोषियों को सख्त सजा और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे की मांग की है।
फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ जांच प्रक्रिया भी लगातार जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
