इटानगर, 09 फरवरी (हि.स.)। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जागरूकता और तैयारी बढ़ाने, कमियों की पहचान करने और विभागों एवं एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए आज अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और मिजोरम में भूकंप पर बहु-राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल बैठक का राजधानी क्षेत्र इटानगर में आयोजन किया गया।

इसका आयोजन आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से किया गया।
एनडीएमए के वरिष्ठ सलाहकार नदीम अरशद ने कहा कि आपदाएं मानव निर्मित सीमाओं को नहीं पहचानतीं, ऐसे अभ्यास आपदा से निपटने की क्षमता, अंतर-राज्यीय सहयोग और प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करते हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए राज्य और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को सशक्त बनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य के मॉक ड्रिल में अधिक हताहतों के सिमुलेशन को शामिल करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान एसओपी का उपयोग भी अनिवार्य है।
एनडीएमए सलाहकार ने मॉक ड्रिल के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव दानी सालू ने कहा कि राज्य प्रतिक्रिया, तैयारी, प्रतिक्रिया जुटाने और अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के लिए नियमित रूप से मॉक ड्रिल आयोजित कर रहा है। आज भी इटानगर राजधानी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित किया गया।
उन्होंने ड्रिल में सामुदायिक संगठनों, पंचायती राज संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों को व्यापक रूप से शामिल करने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि जिलों में मॉक ड्रिल का अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी
