तेहरान, 22 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने स्पष्ट कहा है कि देश के खिलाफ दी जा रही धमकियों का जवाब “मैदान में” दिया जाएगा।

पजशकियान ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका की चेतावनियां और हमले ईरान को कमजोर नहीं बल्कि और अधिक एकजुट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम इन बेतुकी धमकियों का डटकर सामना करेंगे।”
ईरानी राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी साफ किया कि यह मार्ग सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी है कि यदि देश के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। आईआरजीसी ने कहा कि यह जलमार्ग तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक क्षतिग्रस्त परमाणु सुविधाओं का पुनर्निर्माण पूरा नहीं हो जाता।
ईरान ने यह भी कहा है कि ऐसी स्थिति में इजराइल के पावर प्लांट्स, ऊर्जा ढांचे और संचार प्रणाली को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया जाएगा। साथ ही, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी हिस्सेदारी वाले ठिकानों और कंपनियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय
