उज्जैन, 14 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सडक़ चौड़ीकरण कार्य में पाइप लाइन का काम करने के दौरान शुक्रवार को करंट की चपेट में आने वाले मजदूर की मौत के बाद शनिवार को मृतक के परिजन और समाजजनों का आक्रोश फुट पड़ा।

इस दौरान सैकड़ों लोगों ने चरक अस्पताल के सामने आगर रोड पर चक्का जाम कर दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और एसडीएम पहुंचे। एक घंटे चले चक्का जाम के बाद एसडीएम ने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन सडक़ से उठे। तब तक वाहनों की लम्बी कतारें दोनों ओर लग चुकी थी।
चरक अस्पताल के समीप पोस्टमार्टम रूप के बाहर चक्का जाम कर रहे मृतक मजदूर राकेश सूर्यवंशी के परिजनों का आक्रोश पुलिस और एसडीएम के आने के बाद फूट पड़ा। उनका आरोप था कि काम के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई और घटना की जानकारी भी उन्हें समय पर नहीं दी गई। मृतक के भाई राजेश का कहना था कि राकेश के साथ हुई घटना की सूचना उन्हें पहले नहीं दी गई और शव को सीधे पोस्टमार्टम कक्ष में रख दिया गया। इससे नाराज परिजनों और रिश्तेदारों ने सडक़ पर बैठकर चक्काजाम किया। करीब एक घंटे तक चले इस विरोध के कारण आगर रोड़ पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासनसूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश दी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही। इसके बाद परिजन चक्काजाम हटाने के लिए राजी हुए। इस दौरान एसडीएम एलएन गर्ग भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराई जाएगी और शासन स्तर से मृतक मजदूर के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
यह था मामलाकोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि ग्राम खड़ोतिया निवासी राकेश पिता रामचंद्र सूर्यवंशी 42 वर्ष कोयला फाटक से कंठाल चौराहा तक चल रहे सडक़ चौड़ीकरण कार्य में मजदूरी करता था। शुक्रवार को वह निजातपुरा क्षेत्र में पेय जल की पाइप लाइन को ठीक करने का काम कर रहा था। घटना स्थल पर पानी भी फैला हुआ था। इस दौरान राकेश ने कटर मशीन से पाइप काटने का प्रयास किया। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। करंट के झटकों से वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। यह देख अन्य कर्मचारियों और सुपरवाइजर जयदीप उसे तत्काल चरक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालसिंहस्थ निर्माण कार्यों के दौरान मजदूरों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले इंदौर रोड स्थित शांति पैलेस चौराहे पर ब्रिज निर्माण कार्य के दौरान लोहे के सरियों में दबने से एक मजदूर की मौत हो गई थी। इसके अलावा शिप्रा नदी के किनारे बन रहे घाट निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने से एक मजदूर दब गया था। इससे पहले बडऩगर रोड के मुल्लापुरा क्षेत्र में ब्रिज निर्माण के दौरान ड्रिल मशीन से करंट लगने पर एक मजदूर की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं को लेकर निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल
