हाथरस, 07 मार्च (हि.स.)। सादाबाद ब्लाॅक के गांव नगला बुजनौजी में किसान विजयपाल सिंह को हॉर्टिकल्चर (उद्यान विभाग) से खरीदे गए आलू के बीज से भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने 21 कुंतल आलू का बीज खरीदा था, लेकिन खेत में पैदावार पूरी तरह खराब हो गई। मामले में विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी जिससे हुए नुकसान के कारणाें का पता चल सकेगा।

विजयपाल सिंह ने अपने भाई और मां के साथ मिलकर 2800 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से यह नया बीज खरीदा था। उनका उद्देश्य था कि इस उन्नत बीज से आलू की पैदावार बढ़ेगी और बाजार में अच्छी कीमत मिलेगी। हालांकि, साढ़े तीन बीघा खेत में बोया गया हॉर्टिकल्चर का यह बीज पूरी तरह खराब निकला। जमीन के अंदर और पौधे की आल पर लगे आलू नीले पड़ गए थे और उनमें कोई विकास नहीं हुआ।
किसान विजयपाल के अनुसार, हॉर्टिकल्चर स्टोर से बीज खरीदने और भाड़ा मिलाकर उन्हें यह आलू 3200 रुपये प्रति कुंतल पड़ा। प्रति बीघा 15000 रुपये की लागत के साथ, बीज और खेत की कुल लागत 1,19,200 रुपये बैठती है। उनका कहना है कि यदि बीज सही होता तो इस खेत से लगभग 75 कुंतल आलू पैदा होता, जिसकी बाजार में अच्छी कीमत मिल सकती थी।
इस मामले में जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने शनिवार काे बताया कि हॉर्टिकल्चर से अन्य किसानों को भी आलू का बीज दिया गया था, लेकिन शिकायत केवल विजयपाल सिंह की मिली है। इससे लगता है कि बीज में कोई खराबी नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि खेत में किसी रसायन या पेस्टिसाइड के उपयोग से नुकसान हुआ हो सकता है। अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम किसान के खेत पर भेजी गई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किसान के खेत में हॉर्टिकल्चर बीज से आलू की पैदावार खराब क्यों हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना
