इटानगर, 07 अप्रैल (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष बोसीराम सिरम ने मौजूदा मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों को कथित तौर पर अनियमित रूप से सरकारी ठेके आवंटित किए जाने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा प्रारंभिक जांच का आदेश देने वाले भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का स्वागत किया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पेमा खांडू से नैतिक आधार पर जांच जारी रहने तक अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
इस घटनाक्रम को एक ऐतिहासिक हस्तक्षेप बताते हुए, सिरम ने कहा कि न्यायालय का आदेश अरुणाचल प्रदेश में मौजूदा भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कथित भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सत्ता के दुरुपयोग पर गंभीर चिंताओं को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों से घनिष्ठ रूप से जुड़े व्यक्तियों के लाभ के लिए सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग से संबंधित मुद्दे वर्षों से बार-बार उठाए गए हैं और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश ने अब उन चिंताओं को सही साबित कर दिया है। 1,270 करोड़ रुपये से अधिक के ठेकों की रिपोर्टों का हवाला देते हुए, सिरम ने आरोपों को जनता के विश्वास का घोर उल्लंघन और पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक शासन के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति सरकार के शून्य सहिष्णुता के दावों की भी आलोचना की और कहा कि हाल के घटनाक्रमों के आलोक में ये दावे झूठे साबित होते हैं।
उन्हेंने प्रधानमंत्री के नारे, न खाऊंगा, न खाने दूंगा का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि अरुणाचल प्रदेश की स्थिति इस प्रतिबद्धता के बिल्कुल विपरीत है।
एपीसीसी की प्रमुख मांगें:
जांच के परिणाम आने तक मुख्यमंत्री का नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा; स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, अधिमानतः न्यायिक निगरानी में; सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन, जिसमें अभिलेखों का संरक्षण और जांच एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग शामिल है।
सिरम ने करीबी पारिवारिक और राजनीतिक संबंधों वाले व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए सार्वजनिक संस्थानों के कथित दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसी प्रथाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी
