कानपुर, 10 मार्च (हि.स.)। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह बातें मंगलवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं।

आज कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी ने जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान क्रूड ऑयल, पेट्रोल-डीजल और घरेलू एलपीजी की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों और पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एडीएम (सिविल सप्लाई) राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार सिंह तथा पेट्रोलियम कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को बताया कि जनपद में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। वर्तमान में जनपद में कुल 11,44,075 सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें आईओसीएल के 7,15,814, बीपीसीएल के 2,21,252 और एचपीसीएल के 2,07,009 उपभोक्ता शामिल हैं। सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति घरेलू सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने गैस कंपनियों को यह भी निर्देश दिए कि सिलेंडरों की आपूर्ति फर्स्ट इन फर्स्ट आउट के आधार पर सुनिश्चित की जाए। जिस उपभोक्ता की बुकिंग पहले हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर पहले सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी उपभोक्ताओं के घर पर ही की जाएगी और ओटीपी व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू रहेगी। उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी आने की आवश्यकता नहीं है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने नागरिकों से अपील की कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। जनपद में घरेलू एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
