कानपुर, 09 फरवरी (हि.स.)। भाजपा सरकार एसआईआर के जरिए एनआरसी लागू करने की तैयारी में थी लेकिन सपा कार्यकर्ताओं ने समय रहते इसे समझा और बड़ी संख्या में गणना प्रपत्र भरकर जमा किए। जैसे ही सपा कार्यकर्ताओं ने प्रपत्र भरना शुरू किया, भाजपा की फर्जी वोटिंग का खुलासा हो गया, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा कई जगह वोट बनाए गए थे। इससे घबराकर भाजपा अब बेईमानी पर उतर आई है और एसआईआर की तारीखें बार-बार बढ़ाई जा रही हैं। यह आरोप सोमवार जनपद पहुंचे सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने लगाये हैं।

समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद के निज निवास पर उनके पुत्र और पुत्रवधू को आशीर्वाद देने पहुंचे सपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रयागराज के मऊआइमा क्षेत्र की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वहां प्रशासन द्वारा फॉर्म नंबर-7 छपवाकर सुपरवाइजर के माध्यम से बाजार में भेजा गया। जब समाजवादी कार्यकर्ता इसकी शिकायत लेकर एसडीएम के पास पहुंचे, तो एसडीएम कार्यालय छोड़कर चले गए। श्यामलाल पाल ने कहा कि यह सरकार शोषित, वंचित और पीड़ित वर्गों के नाम मतदाता सूची से हटाना चाहती है, जो बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन तमाम गड़बड़ियों की शिकायतें आयोग से की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
