हुगली, 27 जनवरी (हि. स.)। एसआईआर सुनवाई के नोटिस से फुरफुरा शरीफ के पीरजादा तोहा सिद्दीकी भी बाहर नहीं रहे। मंगलवार को वह सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने पूरी प्रक्रिया को लेकर तीखी नाराज़गी जताते हुए कहा कि एसआईआर के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, जबकि राजनीतिक पार्टियों की मिलीभगत हैं।

सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में तोहा सिद्दीकी ने कहा कि एसआईआर के नाम पर साधारण लोगों को परेशान किया जा रहा है और राजनीतिक पार्टियां लुका-छिपी का खेल खेल रही हैं। ये सब चोर-चोर मौसेरे भाई हैं। एक सांप बनकर काट रहा है और दूसरा ओझा बनकर झाड़ रहा है।

तोहा ने अपने पारिवारिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके परिवार की पहचान दुनिया के कई देशों में है, इसके बावजूद उन्हें नोटिस भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय को ही निशाना बनाकर नोटिस दिए जा रहे हैं।
उनके मुताबिक, “भाजपा को लगता है कि मुसलमान उन्हें वोट नहीं देते, इसलिए उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। असल में हम न भाजपा को वोट देते हैं, न तृणमूल कांग्रेस और न ही माकपा को। हम उनका समर्थन करते हैं जो विकास करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि वोट के समय हम राजनीतिक नेताओं के लिए दामाद बन जाते हैं और वोट हो जाने के बाद हमें शत्रु समझा जाता है। 2026 के चुनाव में जनता सब समझ लेगी।
तोहा सिद्दीकी ने यह भी दावा किया कि सुनवाई के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मेरे पास सभी कानूनी दस्तावेज हैं, इसलिए पूरी हिम्मत के साथ सुनवाई में आया था। मैंने कागजात दिखाए, अधिकारी सिर्फ मुस्कुरा रहे थे, कोई सवाल नहीं किया। वे भी इस स्थिति से परेशान हैं। ये सारे प्लान फेल हो जाएंगे।
तोहा ने कहा कि जो जवाब उन्हें देना है, वह वोट के ज़रिए दिया जाएगा, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वह जवाब किस राजनीतिक पार्टी के खिलाफ होगा।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
