चंडीगढ़, 10 फरवरी (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनुसूचित जाति (एससी) के कल्याणार्थ कार्य करने वाली उत्कृष्ठ पंचायतों को प्रोत्साहन स्वरूप में दी जाने वाली अनुदान राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की घोषणा की। इसके अलावा हर थाने में इन्वेस्टिगेशन विंग की स्थापना करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम 1989 और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट पंचायतों में एससी के विरूद्व अत्याचार न हो, एससी कम्पोनेंट का पूरा पैसा खर्च किया जा रहा हो, गांव में नशे के विरूद्व अभियान चलाया जाए, पराली न जलाई जाए, पेयजल समस्या का समाधान आदि शामिल किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एससी, अनुसूचित जनजाति (एसटी) मामलों में 60 दिनों की अवधि में न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की जाए ताकि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा हो सके।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में वर्ष 2021 से अनुसूचित जाति के अलावा महिलाओं के विरूद्व अपराध में भी कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा लूटपाट, सम्पति के विरूद्ध तथा धमकी देने के मामलों में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि एससी जाति के विरूद्व अत्याचार या उत्पीड़न किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला एवं उपमण्डल स्तर पर आयोजित की जाने वाली बैठकों में प्रबुद्ध नागरिकों को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा हर जिले में उपायुक्त एक साल के अन्दर जिला सतर्कता निगरानी की चार बैठकें आयोजित कर एससी एक्ट की अवश्य समीक्षा करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
