लखनऊ, 13 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को हमारी सरकार ने प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों का पैनल गठित किया गया है। प्रधानमंत्री के बहुमूल्य मार्गदर्शन में एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का औद्योगिक परिवेश एक आदर्श के रूप में स्थापित हुआ है। यह बातें सोमवार को गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक श्रमिकों के भारी प्रदर्शन और उपद्रव मामले को लेकर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने कही।

उन्होंने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों एवं सटीक निर्णयों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश को भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में एक नई पहचान मिली है। औद्योगिक विकास की इस उल्लेखनीय यात्रा में सभी स्टेक होल्डर्स का सकारात्मक योगदान एवं प्रभावी भूमिका है।
निवेशक के हितों के साथ ही औद्योगिक श्रमिकों एवं कामगारो का हित भी हमारी सरकार की प्राथमिकता है। जनपद गौतमबुद्ध नगर की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर है।
समाजवादी पार्टी (सपा)और कांग्रेस के अराजक और गुंडा तत्व समय-समय पर ऐसे प्रदर्शनों की आड़ लेकर प्रदेश की शांति व्यवस्था बाधित करने का षड्यंत्र करते रहे हैं। प्रथमदृष्ट्या इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता कि अफवाह के माध्यम से श्रमिकों को उकसाने में उनकी संदिग्ध भूमिका है।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गठित समिति श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों, उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों एवं समस्त स्टेक होल्डर्स के साथ वार्ता कर रही है। सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं सम्यक विचारोपरान्त प्रकरण का यथोचित समाधान यथाशीघ्र निकाल लिया जाएगा।
उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में हमने 09 साल लगायें है। इसी का परिणाम है कि आज देश-विदेश की शीर्ष कम्पनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट के माध्यम से वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा इस पहचान और परिवेश को चुनौती देने पर ऐसी कार्यवाही होगी कि उसकी सात पीढ़ियों तक लोग अपराध का नाम सुनकर कापेंगे। मैं सभी पक्षों से संयम और धैर्य बरतने को अपील करता हूँ।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा
