नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स.)। दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग ने राजधानी के होलसेल दवा बाजार में विशेष एनफोर्समेंट अभियान चलाकर कुल 20 लाख 6 हजार 24 रुपये कीमत की 2104 यूनिट इंसुलिन जब्त की है। यह अभियान दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया।

डॉ. पंकज कुमार सिंह ने आज एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अभियान के दौरान कुल छह होलसेल दवा फर्मों की बारीकी से जांच की गई। इनमें से चार फर्में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स रूल्स, 1945 के कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करती हुई पाई गईं। निरीक्षण में बड़ी मात्रा में इंसुलिन प्रिपरेशन, जिनमें ट्रेसिबा फ्लेक्सटच 100 यूनिट प्रति एमएल पेन, ग्लैरिटस 100 यूनिट प्रति एमएल कार्ट्रिज, ह्यूमलॉग मिक्स50 क्विकपेन यूनिट प्रति एमएल, एपिड्रा सोलोस्टार 100 यूनिट प्रति एमएल और टूजियो सोलोस्टार 300 यूनिट प्रति एमएल शामिल हैं। कुछ सैंपल ऐसे लेबल के साथ पाई गई जिन पर इंस्टीट्यूशनल सप्लाई के लिए अंकित निशान मिटाए गए थे। उन्होंने कहा कि संबंधित फर्में इन दवाओं के स्टॉक के लिए वैध खरीद रिकॉर्ड भी पूरी तरह प्रस्तुत नहीं कर पाईं। इसके अलावा दो फर्में नॉर्मल रूम टेम्परेचर पर इंसुलिन की तैयार स्टॉक की स्टोरेज करती पाई गईं, जो तय स्टोरेज नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि इन दवाओं के लिए सख्त कोल्ड चेन मेंटेनेंस बनाए रखना अनिवार्य होता है। इस अभियान के दौरान कुल 20 लाख 6 हजार 24 रुपये कीमत की 2104 यूनिट इंसुलिन ज़ब्त की गईं।
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि लोगों के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हमारी सरकार दवा के स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन पर सख्त रेगुलेटरी निगरानी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इंसुलिन जैसी जीवन रक्षक दवाओं से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के बाद दो फर्मों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स रूल्स, 1945 के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही दवाओं के सैंपल एकत्र कर क्वालिटी टेस्टिंग और एनालिसिस के लिए लैब में भेजे गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे निर्धारित मानकों का पालन करते हैं या नहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव
