बेंगलुरु, 14 फरवरी (हि.स.)। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने राज्य की सिद्धारमैया सरकार पर केंद्र सरकार से प्राप्त विशेष अनुदान के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने केंद्र की ओर से दिए गए अनुदान को निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दिया।

बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान विजयेंद्र ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि विकास निगम और गृहलक्ष्मी योजना के फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए विशेष अनुदान का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन लगभग 1,323 करोड़ 96 लाख रुपये अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दिए गए।

उन्होंने कहा, “धन का सही उपयोग नहीं होने के बावजूद केंद्र सरकार को उपयोग प्रमाण पत्र भेजकर गुमराह किया गया है।” विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि कृष्णभाग्य जल निगम ने कथित रूप से फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर इस मामले में भूमिका निभाई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वाल्मीकि निगम के सैकड़ों करोड़ रुपये तेलंगाना में स्थानांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जो वित्त मंत्री भी हैं, की अनुमति के बिना इतनी बड़ी राशि का हस्तांतरण संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बेलगावी अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने इस मामले में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इसके अलावा विजयेंद्र ने गृहलक्ष्मी योजना के तहत आवंटित लगभग 5,000 करोड़ रुपये अन्य विभागों में स्थानांतरित किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह राशि किस विभाग में स्थानांतरित की गई और क्या इसमें भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में स्पष्ट स्पष्टीकरण देने की मांग की।—————–
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा
