कोलकाता, 25 मार्च (हि.स.)। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने बुधवार को चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पेयजल और मतदाताओं के लिए अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने यह निर्देश पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में आगामी चुनाव में शत-प्रतिशत बूथ स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह तय करने का अधिकार याचिकाकर्ता के पास नहीं है कि चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से कराने की जिम्मेदारी किसी केंद्रीय एजेंसी को दी जाए या राज्य एजेंसी को। इस संबंध में अंतिम निर्णय चुनाव आयोग ही करेगा।
खंडपीठ ने कहा कि न्यायालय यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मतदान केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं को पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह सवाल भी उठाया कि क्या स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसामुक्त चुनाव कराना केवल चुनाव आयोग की ही नहीं बल्कि राज्य सरकार की भी जिम्मेदारी नहीं है।
उल्लेखनीय है कि, 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा। पहले चरण में 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान कराया जाएगा।
इसी खंडपीठ के समक्ष चुनाव आयोग द्वारा हाल में नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के तबादले तथा प्रतिनियुक्ति से जुड़े आदेशों को चुनौती देने वाली एक अन्य जनहित याचिका पर भी सुनवाई प्रस्तावित है।——————
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
