काठमांडू, 11 मार्च (हि.स.)। राजधानी समेत देश के विभिन्न शहरों और आसपास के जिलों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ने के बाद प्रशासन ने नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से बिगड़ती वायु गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।

काठमांडू के प्रमुख जिला अधिकारी ईश्वर राज पौडेल ने बुधवार को बताया कि यह परामर्श नागरिकों को सुरक्षा उपाय अपनाने और प्रदूषित हवा के संपर्क को कम करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। प्रशासन की तरफ से छह बिंदुओं वाला अपील-पत्र जारी किया है, जिसमें लोगों से अनुरोध किया गया है कि अत्यंत आवश्यक न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें।
इसके अलावा प्रशासन ने नागरिकों से यह भी कहा है कि जहां तक संभव हो, वाहनों का उपयोग कम करें और साझा वाहन या एक साथ यात्रा करने की व्यवस्था अपनाएं, ताकि प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके। इसी तरह लोगों से अपने घरों के आसपास कचरा न जलाने का भी अनुरोध किया है। इसके अलावा उच्च प्रदूषण के समय खुले में खेल-कूद या अन्य बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसे लोगों को नियमित रूप से सुरक्षात्मक मास्क का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।
प्रमुख जिला अधिकारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ या श्वसन से जुड़ी अन्य समस्याएँ महसूस हों, तो उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। हाल के दिनों में मौसम में बदलाव के कारण नेपाल में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका प्रभाव खास तौर पर शहरी क्षेत्रों, विशेष रूप से काठमांडू घाटी में अधिक दिखाई दे रहा है।
इसी बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी देशभर के नागरिकों से इस अवधि में सतर्क रहने और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।काठमांडू पिछले 10 दिनों से लगातार ही विश्व के अति प्रदूषित 5 शहरों की सूची में दूसरे या तीसरे स्थान पर है। फरवरी के आखिरी और मार्च के पहले सप्ताह में यहां का वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है जिसके कारण आम लोगों में स्वास्थ्य समस्या बढ़ने की शिकायत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास
