कानपुर, 22 फरवरी (हि.स.)। कानपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय समुदाय की सहभागिता बेहद जरूरी है, इससे पर्यटन स्थलों का संरक्षण होगा और शहर की पहचान मजबूत होगी। यह बातें रविवार को यूपी स्टेट हैंडलूम कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पीसी ठाकुर ने कही।

जीटी रोड स्थित होटल प्रिसटीन में सोसाइटी फॉर टूरिज्म डेवलपमेंट द्वारा आयोजित कानपुर टूरिज्म कॉन्क्लेव में शहर को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने को लेकर व्यापक मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने पर्यटन को रोजगार, खुशहाली और शहर की सकारात्मक छवि से जोड़ते हुए नई पहल की जरूरत पर जोर दिया।

संस्थापक डॉ सिधांशु राय ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन, आर्टिफिशियल टूरिज्म और रचनात्मक सोच से कानपुर को नया स्वरूप मिल सकता है। पैनल चर्चा में उद्यमी विश्वनाथ गुप्ता ने कानपुर को “हैप्पीनेस सिटी” के रूप में ब्रांड करने और टूरिज्म सर्किट में शामिल करने की जरूरत बताई। होटल उद्योग से विजय पांडेय ने पर्यटन स्थलों के विकास और प्रभावी मार्केटिंग पर जोर दिया।
हेल्थकेयर क्षेत्र से डॉ अभिषेक कपूर ने कानपुर में मेडिकल टूरिज्म की अपार सम्भावनाएं बताते हुए गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को अनिवार्य बताया। उद्यमी सुदीप गोयनका ने पर्यटन विकास में सीएसआर की भूमिका रेखांकित की। मीडिया विशेषज्ञ शैलेन्द्र जेटली और दिग्विजय सिंह ने प्रचार-प्रसार, वार्षिक पर्यटन कैलेंडर और बिठूर को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। कला विशेषज्ञ डॉ इंद्रमोहन रोहतगी ने “कानपुर हाट” बनाने की परिकल्पना रखी, जबकि समाजसेवी डॉ उमेश पालीवाल ने हैप्पीनेस सेंटर को नया आयाम बताया। होटल व्यवसायी सुखबीर मलिक ने फूड फेस्टिवल को आकर्षण बताया।
सोसाइटी के चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल ने कानपुर टूरिज्म ब्रॉशर और पर्यटन योजना बनाने की घोषणा की। अध्यक्ष मनोज भाटिया ने कानपुर महोत्सव और “कानपुर दर्शन” शुरू करने का प्रस्ताव रखा। निदेशक रोचक रोहतगी ने पर्यटन वेबसाइट विकसित करने की बात कही। कार्यक्रम का संयोजन गोपाल द्विवेदी व स्वयं नंदा ने किया, जबकि संचालन मुस्कुराए कानपुर की सचिव दीपिका श्रीवास्तव ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
