कानपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट ने ‘ब्लैक हॉक’ नाम से एक विशेष कमांडो यूनिट की शुरुआत की है। काले सुरक्षा कवच से लैस 60 प्रशिक्षित कमांडो शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं, जो दंगा, बवाल और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करेंगे।

अपर पुलिस उपायुक्त कानून एवं व्यवस्था विपिन ताडा ने गुरुवार को बताया कि औद्योगिक शहर कानपुर में छोटी घटनाओं के बड़े रूप लेने की आशंका को देखते हुए इस क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है। इस यूनिट के जवानों को भीड़ नियंत्रण, दंगा प्रबंधन और छापामार कार्रवाई की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तेजी और प्रभावशीलता के साथ निपटा जा सके।
ब्लैक हॉक यूनिट का उद्देश्य सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में करना है। यह दस्ता स्थानीय स्तर पर पीएसी की तर्ज पर काम करेगा, लेकिन ज्यादा तेज और आधुनिक होगा
कमांडो को आधुनिक ब्लैक बॉडी प्रोटेक्टर और सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं, जो पथराव और हमलों से उनकी रक्षा करेंगे। इसके साथ ही यूनिट को मौके पर तत्काल निर्णय लेने के अधिकार भी दिए गए हैं, जिससे किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत नियंत्रण पाया जा सके। जरूरत पड़ने पर टीम लाठीचार्ज, रबर बुलेट और आंसू गैस का इस्तेमाल कर सकती है, हालांकि सभी कार्रवाई “न्यूनतम बल के सिद्धांत” के तहत की जाएगी।
फिलहाल यह यूनिट ट्रायल मोड में है और शहर के संवेदनशील इलाकों में स्थानीय पुलिस के साथ रूट मार्च कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस पहल से जहां अपराधियों में डर पैदा होगा, वहीं आम जनता में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होगा। आने वाले समय में इस यूनिट की क्षमता को और विस्तार दिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
