– नई सुविधाओं से छात्रों और शोधार्थियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण का माहौल

कानपुर, 27 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तकनीकी शिक्षा और शोध को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। कानपुर स्थित शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से संस्थान के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।

शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान कानपुर के निदेशक एफ. आर. खान ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और शोध को सुदृढ़ किया जा रहा है। शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान में मल्टीपरपज हॉल एवं आधुनिक प्रयोगशालाओं के निर्माण से प्रशिक्षण, अनुसंधान और कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बेहतर संसाधन तथा गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।
उन्हाेंने बताया कि संस्थान परिसर में पांच नए कक्षों के निर्माण के लिए शासन ने प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना के तहत दाे मल्टीपरपज हॉल तथा तीन प्रशिक्षण एवं प्रयोगशाला कक्ष बनाए जाएंगे।
पांच करोड़ से ज़्यादा में होगा निर्माण
सरकारी आदेश के अनुसार आईआरडीटी परिसर में दो मल्टीपरपज हॉल और तीन प्रशिक्षण व प्रयोगशाला कक्ष बनाए जाएंगे। इस पूरी परियोजना पर 5 करोड़ 2 लाख 78 हजार रुपये खर्च होंगे। चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में पहले चरण के तौर पर 2 करोड़ 51 लाख 39 हजार रुपये की राशि जारी कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
शोधार्थियों को मिलेगा लाभ
उन्हाेंने बताया कि नई इमारतों के निर्माण से संस्थान में प्रशिक्षण, शोध और प्रयोगात्मक कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। खास तौर पर तकनीकी शिक्षा से जुड़े छात्रों और शोधार्थियों को आधुनिक संसाधनों का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा।
शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी जरूरी वैधानिक अनुमतियां, पर्यावरण स्वीकृति और स्थानीय प्राधिकरण से नक्शों की मंजूरी ली जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग तय नियमों और पारदर्शिता के साथ किया जाए। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की जिम्मेदारी निदेशक, प्राविधिक शिक्षा उत्तर प्रदेश की होगी। साथ ही निर्माण कार्य में लेबर सेस, जीएसटी और अन्य वैधानिक प्रावधानों का भी पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अजय सिंह
