धर्मशाला, 13 मार्च (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन एवं बकरी पालन विषय पर छठा दीर्घावधि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आरम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. विनोद शर्मा, निदेशक प्रसार शिक्षा द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बलों के जेसीओ तथा समकक्ष रैंक के कुल 34 रक्षा कर्मी भाग ले रहे हैं। इनमें 23 प्रतिभागी भारतीय सेना, 9 भारतीय नौसेना तथा 2 भारतीय वायु सेना से हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को चारों विषयों में गहन कक्षा व्याख्यान, प्रदर्शन तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सेवानिवृत्ति के पश्चात् स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करने हेतु आवश्यक कौशल प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. ए.के. पांडा का संदेश साझा करते हुए डॉ. विनोद शर्मा ने रक्षा कर्मियों के क्षमता विकास के महत्व पर बल दिया तथा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उद्यमिता तथा स्वरोजगार के लिए करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसे क्षेत्र विशेषकर ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आय सृजन की अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं।
इससे पूर्व प्रशिक्षण-प्रभारी डॉ. लव भूषण ने प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों, संरचना एवं व्यावहारिक घटकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान, क्षेत्रीय प्रदर्शन तथा कृषि वानिकी प्रणालियों, वैज्ञानिक मशरूम उत्पादन, आधुनिक मधुमक्खी पालन तकनीकों और उन्नत बकरी पालन प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
विश्वविद्यालय एनसीसी अधिकारी डॉ. अंकुर शर्मा ने भी अपने विचार साझा करते हुए पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) और विश्वविद्यालय के मध्य समन्वय की सराहना की, जिसके माध्यम से रक्षा कर्मियों के लिए इस प्रकार के दीर्घावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया
