नई दिल्ली, 27 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर थाना पुलिस ने केवाईसी अपडेट कराने के बहाने लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक साइबर ठग को झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से ठगी की रकम, तीन मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि 11 फरवरी 2026 को बृजपुरी निवासी 53 वर्षीय गोविंद सिंह की शिकायत पर ई-एफआईआर संख्या 00024/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने का झांसा दिया और उनके बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद आरोपित ने उनके नाम पर 5,99,996 रुपये का तत्काल ऋण निकाल लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना साइबर उत्तर-पूर्वी जिला की टीम ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। निरीक्षक राहुल कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटाते हुए आरोपित का पता लगाया और झारखंड के धनबाद से उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान बिमल रबीदास (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 9,500 रुपये की ठगी की रकम, तीन मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपित ने अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित दिल्ली के पूर्वी और पश्चिमी जिलों समेत धनबाद, निरसा (झारखंड) और पश्चिम बंगाल में दर्ज पांच अन्य समान मामलों में भी संलिप्त रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के नेटवर्क और अन्य साथियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और लोगों से अपील की है कि बैंक संबंधी किसी भी जानकारी को अज्ञात कॉल करने वालों के साथ साझा न करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी
