
कैथल, 13 मार्च (हि.स.)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक ने रिश्वत के एक मामले में एक एएसआई को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है । साथ ही उसे 50 हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। जुर्माना न देने पर पांच महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

इस बारे में गांव भागल निवासी संदीप कुमार ने 12 दिसंबर 2023 को केस दर्ज करवाया था। इसी केस में एक एसआई हरपाल को बरी कर दिया गया है, क्योंकि उसने सीधे पैसों की मांग नहीं की और न ही पैसे लिए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी एडीए कुलदीप गर्ग ने की। शिकायत के अनुसार 14 अक्तूबर 2023 को गांव भागल निवासी महावीर व कर्म सिंह के साथ झगड़ा होने पर महावीर ने शिकायतकर्ता संदीप, उसकी माता कृष्णा देवी तथा पड़ोसी जयपाल व जयपाल के लडक़ों शेखर व अमन के खिलाफ मुकदमा थाना चीका में दर्ज करवाया था। इससे करीब चार-पांच दिन पहले चौकी इंचार्ज एएसआई बलविंद्र के बुलाए जाने पर संदीप अपने साले सतीश कुमार के साथ चौकी में गया था। वहां एएसआई बलविंद्र के पास आईओ एसआई हरपाल भी बैठा था। इन दोनों ने संदीप की माता की मुकदमे में गिरफ्तारी करने का डर दिखाया और उसका नाम मुकदमे से निकालने की एवज में 60 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर देने की मांग की। संदीप ने साठ हजार रुपये लाकर उनसे संपर्क किया व सतीश को पैसे देकर भेजा। सतीश ने बाहर आकर संदीप को बताया कि 50 हजार रूपये बलविंद्र ने व 10 हजार रुपये एसआई हरपाल ने लिये हैं। इसके बाद सात दिसंबर को संदीप चौकी में गया तो एएसआई बलविंद्र ने उसका, पड़ोसी जयपाल के लडक़ों अमन व शेखर का नाम मुकदमा से निकालने की ऐवज में प्रत्येक के 50 हजार रुपये मांगे। संदीप के अनुसार वह रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने इसकी शिकायत एंटी क्ररप्शन ब्यूरो कर दी। इस बारे में पहले चीका थाना में केस दर्ज किया गया, बाद में उसे एंटी क्रप्शन ब्यूरो अंबाला को सौंंप दिया। एसीबी ने योजना के अनुसार संदीप को दस हजार रुपये देकर बलविंद्र के पास भेजा और उसे रिश्वत के पैसों सहित रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने चालान बनाकर अदालत के सुपुर्द कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार काे एएसआई बलविंद्र को रिश्वत का दोषी पाया तथा चार साल की कैद और 50 हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई। एसआई हरपाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे
