कैथल, 18 मार्च (हि.स.)। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हरियाणा सरकार की दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना जिले में प्रभावी रूप से लागू हो रही है। जिले में अब तक 40 हजार 160 पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जिनके खातों में प्रतिमाह सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जा रही है।

उपायुक्त अपराजिता ने बुधवार को बताया कि यह योजना मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में शुरू की गई महिला कल्याण के उद्देश्य से वह महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सशक्त बनाना है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के तहत दी जाने वाली राशि सीधा लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस राशि में से 1100 रुपये लाभार्थी के बैंक खाते में तथा शेष 1000 रुपये आरडी/एफडी के खाते में डाल जाते हैं। इससे महिलाओं को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
डीसी अपराजिता ने जिले की सभी पात्र महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि पात्र महिलाएं योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करवाएं। योजना महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमितेंद्र श्योकंद ने बताया कि सरकार द्वारा योजना का विस्तार करते हुए पूर्व निर्धारित नियमों के अलावा उन महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिनकी पीपीपी के अनुसार पारिवारिक की वार्षिक आय एक लाख 80 हजार है या जो महिलाएं सफलतापूर्वक अपने बच्चों को कुपोषण से बाहर लेकर आई हैं। जिसकी पुष्टि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की गई है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों की माताएं तथा निपुण मिशन के अंतर्गत कक्षा एक से चार तक दक्षता हासिल करने वाले बच्चों की माताओं को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। लाडो लक्ष्मी योजना की कहानी, लाभार्थियों की जुबानी योजना से लाभान्वित महिलाएं स्वयं अपने खर्चों का प्रबंधन करने में सक्षम हो गई हैं। लाभार्थी तनु का कहना है कि आर्थिक सहायता मिलने से वे अब अपने बच्चों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं। इससे परिवार के आवश्यक खर्चों को संभालना आसान हुआ है और जीवन स्तर में सुधार आया है। लाभार्थी शांति के अनुसार, इस पहल से उन्हें छोटे स्तर पर अपना काम शुरू करने का हौसला मिला है। उनका मानना है कि यह योजना महिलाओं को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे
