करौली, 26 मार्च (हि.स.)। कैलादेवी धाम में चैत्र नवरात्र के अवसर पर दुर्गाष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल इस धाम के वार्षिक लक्खी मेले को ‘लघु महाकुंभ’ के नाम से भी जाना जाता है। लाखों भक्तों ने माता के दरबार में हाजिरी लगाकर सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।

दुर्गाष्टमी पर तड़के तीन बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर ‘जय माता दी’ के जयकारों के बीच भक्त धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए दर्शन करते नजर आए। भारी भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
16 मार्च से शुरू हुआ यह मेला एक अप्रैल तक जारी रहेगा। अब तक करीब 30 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि पूरे मेले में 40 लाख से ज्यादा भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। कई भक्त ध्वजा लेकर पैदल यात्रा करते हुए माता के दरबार तक पहुंचते हैं।
कालीसिल नदी में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धालु पहले नदी में स्नान कर स्वयं को पवित्र करते हैं, इसके बाद माता के दर्शन करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मेले में नवविवाहित जोड़े, बच्चों का मुंडन संस्कार कराने वाले परिवार और मनौती पूरी होने पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यहां हर उम्र के भक्तों की भागीदारी आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही है।
प्रशासन ने मेले को देखते हुए व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं की हैं।
करीब 1500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, वहीं परिवहन सुविधा के लिए 300 से अधिक रोडवेज बसें संचालित की जा रही हैं।
इस वर्ष रामनवमी और दुर्गाष्टमी एक साथ होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हुआ है। कैलादेवी धाम में आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ता हुआ नजर आ रहा है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
