

-बीटीआर में सड़क व पुल निर्माण के लिए 1,000 करोड़ रुपये की विशेष सहायता की घोषणा

कोकराझार (असम), 10 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा आज कोकराझार के ग्रीन पार्क में आयोजित 24वें बोडोलैंड दिवस के केंद्रीय समारोह में शामिल हुए। बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बीटीसी क्षेत्र के लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और क्षेत्र में शांति एवं समृद्धि के लिए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने 24वें बोडोलैंड दिवस की शुभकामनाएं देते हुए गुरुदेव कालीचरण ब्रह्म तथा बोडो आंदोलन के प्रमुख बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्म को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक बीटीसी समझौते पर 10 फरवरी, 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और केंद्रीय गृह मंत्री एलके आडवाणी के नेतृत्व में हस्ताक्षर हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप बोडोलैंड के लोगों के लिए बीटीसी का गठन हुआ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीटीसी की पहली कार्यकारी परिषद का गठन हग्रामा मोहिलारी के नेतृत्व में हुआ और कोकराझार, चिरांग, बाक्सा तथा उदालगुड़ी जिलों को सम्मिलित कर बीटीसी के गठन से क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आए। उन्होंने कहा कि बीटीसी समझौते के बाद बोडोलैंड विश्वविद्यालय, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीआईटी) और कोकराझार मेडिकल कॉलेज की स्थापना से शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ।
डॉ. सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में वर्ष 2020 में हुए बोडो शांति समझौते से विकास की गति और तेज हुई। इसके परिणामस्वरूप तामुलपुर को नया जिला घोषित किया गया, कोकराझार मेडिकल कॉलेज का कार्य पूर्ण हुआ तथा बोडोलैंड मिनी सचिवालय और उदालगुड़ी में बोडोलैंड विश्वविद्यालय परिसर के कार्य की पहल की गई।
कोकराझार में हाल की अप्रिय घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने शांति बनाए रखने के लिए बीटीआर के लोगों की सराहना की। उन्होंने शांति बहाली में सशक्त नेतृत्व के लिए हग्रामा मोहिलारी का आभार जताया और कहा कि दावोस, स्विट्ज़रलैंड में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में रहते हुए भी वे स्थिति को लेकर चिंतित थे, लेकिन आश्वासन के अनुसार कोकराझार में शांति बहाल हुई।
बीटीसी क्षेत्र को विविध समुदायों के सुंदर संगम के रूप में वर्णित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय मुद्दों का समाधान बीटीसी स्तर पर किया जाना चाहिए, जिसमें राज्य सरकार निरंतर वित्तीय सहायता और सहयोग प्रदान करेगी। बीटीसी चुनावों के दौरान दूरदराज़ के गांवों की यात्राओं को याद करते हुए उन्होंने बेहतर संपर्क व्यवस्था के लिए अधिक पुलों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। हग्रामा मोहिलारी के अनुरोध पर उन्होंने अगले 2 से 3 वर्षों में बीटीसी में सड़क और पुल निर्माण के लिए 1,000 करोड़ रुपये की विशेष सहायता देने की घोषणा की।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने बीटीआर के 15 हजार युवाओं को प्रत्येक को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। यह सहायता बिना किसी बैंक गारंटी या जमानत के, हग्रामा मोहिलारी द्वारा तैयार सूची के आधार पर दी जाएगी, ताकि युवा उद्यमिता और व्यवसाय के माध्यम से स्वरोज़गार अपना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीटीसी समझौते का मूल उद्देश्य सभी समुदायों का शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व है। उन्होंने बताया कि हाल ही में गुवाहाटी में 10 हजार कलाकारों द्वारा प्रस्तुत बागुरुम्बा नृत्य को प्रधानमंत्री ने अत्यंत सराहा और इसे सोशल मीडिया पर विश्वभर में लगभग दो अरब लोगों ने देखा। कई लोगों ने इसे बीजिंग ओलंपिक के उद्घाटन समारोह से भी अधिक प्रभावशाली बताया।
उन्होंने जानकारी दी कि असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए सरकार ने विशेष निर्णय लिए हैं। गुवाहाटी में बिहू, झुमोइर और बागुरुम्बा की सफल प्रस्तुतियों के बाद अब इन तीनों नृत्यों को एक साथ नई दिल्ली में प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है, ताकि देशभर के लोग असम की सांस्कृतिक धरोहर को देख सकें।
बीटीसी समझौते के 24 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष इसकी रजत जयंती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में भव्य रूप से मनाई जाएगी। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा में उन्होंने कहा कि बोडोलैंड के कई मरीज उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए चेन्नई जाते हैं। ऐसे मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए राज्य सरकार बीटीसी को चेन्नई में ‘बोडोलैंड गेस्ट हाउस’ के निर्माण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
विकास पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बीटीआर और असम के लिए प्रगति की नई यात्रा में सभी से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने एकता, सांस्कृतिक गौरव और सतत विकास पर आधारित भविष्य के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य हग्रामा मोहिलारी, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी आदि विभागों के मंत्री जयंत मल्लबरुवा, पूर्व मंत्री प्रमिला रानी ब्रह्म, बीटीसी के पूर्व उपमुख्य कार्यकारी सदस्य खाम्पा बरगियारी, विधायक लॉरेंस इस्लारी और जिरन बसुमतारी, बोडो साहित्य सभा के अध्यक्ष सूरत नार्ज़ारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा
